राज्य सरकार ने लीज नियमों में संशोधन करने का यह फैसला कैबिनेट की बैठक में ले लिया था। अब इसे लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की है। यह नियम नई लीज पर ही लागू होगा।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में 99 साल के लिए सरकारी जमीन लीज पर देने का दौर खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने लीज रूल्स में नौ साल के बाद संशोधन किया है और इसकी अंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अनुसार अब किसी भी प्रोजेक्ट के लिए सरकार 40 साल से ज्यादा की अवधि की लीज नहीं देगी।
प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने यह अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार लीज रूल्स के रूल 07 में संशोधन किया है। इसमें कहा गया है कि अब किसी भी सूरत में 40 साल से ज्यादा सरकार जमीन की लीज की अनुमति नहीं देगी।
वर्तमान में 40 साल की अवधि सिर्फ प्राइवेट बिजली परियोजनाओं को लेकर थी। बाकी सभी परियोजनाओं के लिए 90 या 99 साल तक की लीज दी जा रही थी। राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश विलेज कॉमन लैंड वेस्टिंग एंड यूटिलाइजेशन एक्ट 1974 और हिमाचल प्रदेश सीलिंग ऑन लैंड होल्डिंग्स एक्ट 1972 के दायरे में वर्ष 2014 में अधिसूचित हुए हिमाचल प्रदेश लीज रूल्स के अनुसार यह जमीन आबंटन करती थी।
अब 2023 के लीज रूल्स लागू होंगे, जिनमें अवधि भी 40 साल अधिकतम है। कैबिनेट में हुए फैसले के बाद लोगों से आपत्तियां और सुझाव लेने के लिए लीज रूल्स को 25 अप्रैल, 2023 को नोटिफाई किया गया था। इन सुझावों पर गौर करने के बाद अब अंतिम अधिसूचना जारी हुई है।

सरकार के इस कदम से एक तरफ जहां लीज मनी का राजस्व बढऩे की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक निवेश पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पडऩे का खतरा भी है। उद्योगपति लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए आते हैं और लीज की अवधि भी लांग टर्म ही चाहते हैं।

