अनूठी पहल: पंचायत लाहडू में 10 पलौहड़ा में 17 परिवारों ने पीएम आवास योजना का लाभ लेने से किया इनकार, लाभ छोड़ने वाले परिवारों की हो रही सराहना।
ज्वाली – अनिल छांगु
एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनवाने की होड़ लगी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इस योजना का लाभ न लेने की पहल की है। इस योजना का लाभ न लेने वाले परिवारों की इस पहल की काफी सराहना हो रही है।
ऐसा ही मामला विकास खंड नगरोटा सूरियां के अंतर्गत पंचायत लाहडू व ग्राम पंचायत पलौहड़ा में देखने को मिला है। ग्राम पंचायत लाहडू में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 57 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से दस परिवारों ने स्वयं ही इस योजना का लाभ देने से मना कर है तथा अब 47 मकान ही रह गए हैं।
उक्त लोगों में से कुछ ने अपने पक्के मकान बना लिए हैं या फिर उनके परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी मिल गई है। इसके लिए एफिडेविट भी पंचायत में देने की बात कह दी है।
वहीं ग्राम पंचायत पलौहड़ा में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 76 मकान स्वीकृत हुए थे, इनमें से 17 परिवारों ने इस योजना का लाभ देने से मना कर दिया है। अब 59 मकान ही रह गए हैं।
इस योजना का लाभ लेने से इंकार करने वालों की काफी सराहना हो रही है। ऐसा किए जाने से अब उन पात्र लोगों को इसका लाभ मिल जाएगा जो इस सर्वे से बाहर रह गए हैं।

क्या कहते हैं प्रधान वरिंदर गुलेरिया
ग्राम पंचायत लाहडू के प्रधान वरिंदर गुलेरिया ने कहा कि हमारी पंचायत में दस परिवारों ने पीएम आवास योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है जोकि काबिले तारीफ है। उक्त परिवारों ने पक्के मकान बना लिए हैं तथा कई परिवारों के सदस्य सरकारी नौकरी करते हैं।
प्रधान रघुवीर भाटिया के बोल
ग्राम पंचायत पलौहड़ा के प्रधान रघुवीर भाटिया ने कहा कि हमारी पंचायत में 17 परिवारों ने पीएम आवास योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है। इसके संबंध में उक्त परिवारों से एफिडेविट लिया जाएगा।
क्या बोले बीडीओ शाम सिंह
इस बारे में बीडीओ नगरोटा सूरियां शाम सिंह ने कहा कि जिन लोगों के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत हुए हैं, उनकी वेरिफिकेशन चली हुई है। उन्होंने कहा कि पहली किश्त डाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि अगर कुछ परिवारों ने इस योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है तो यह उन परिवारों का सराहनीय फैसला है। अन्य परिवारों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।

