नूरपुर, देवांश राजपूत
फॉयर सीजन में आग की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन केंद्र नूरपुर ने भी अपनी कमर कस ली है। नूरपुर में लंबे समय से अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग उठती रही है। पहले जब इलाके में यदि आगजनी की कोई घटना होती थी तो पठानकोट व धर्मशाला से दमकल की टीम को बुलाना पड़ता था तथा जब तक दमकल विभाग की टीम पहुंचती तब तक सब कुछ जल कर तबाह हो जाता। नूरपुर में 14 सितंबर 2011 को अग्निशमन केंद्र खुला जिसका अब इलाके के लोगों को लाभ मिल रहा है।
अग्निशमन केंद्र नूरपुर के पास एक बड़ी व एक छोटी गाड़ी है वहींं तीन चालकों सहित करीब 13 कर्मचारी केंद्र में तैनात हैं। नूरपुर शहर में आग को बुझाने के लिए शहर में अस्पताल, पुलिस स्टेशन, वन निगम के डिपो, नगर परिषद कार्यालय, जल शक्ति विभाग की कॉलोनी व एलआईसी कार्यालय के निकट हाइड्रेंट व अन्य स्थानों पर 6 हाइड्रेंट लगाए गए हैं, ताकि आग पर तुरंत काबू पाया जा सके।
नूरपुर बाजार भी तंग है लेकिन वहां बडी व छोटी गाड़ियां तो आ सकती है। लेकिन गलियां तंग होने के कारण मोहल्लों में आगजनी की घटनाओं पर काबू करना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। नूरपुर केे निकट जसूर प्रमुख व्यापारिक कस्बा है, रोजाना लाखों रुपये का कारोबार जसूर में होता है। हालांकि दमकल चौकी जसूर से काफी निकट है लेकिन फिर भी जसूर में भी कई स्थानों पर हाइड्रेंट लगाने की जरूरत है ताकि आग लगने पर कम से कम नुक्सान हो।
नूरपुर फायर चौकी प्रभारी अर्जुन सिंह वर्मा फायर सीजन को लेकर विभाग पूरी तरह से अलर्ट हैं। अग्निशमन केंद्र को 24 घंटे मुस्तैद रहने की हिदायत दी गई है। इस समस्या विभाग के पास नूरपुर में एक बडी व एक छोटी गाड़ी है। नूरपुर शहर में कई स्थानों पर हाइड्रेंट लगाए गए हैं। बड़ी गाड़ी में 4500 लीटर व छोटी गाड़ी में 300 लीटर पानी की क्षमता है। इस समय नूरपुर में तीन चालकों सहित कुल 13 कर्मचारी फॉयर ब्रिगेड चौकी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।