काँगड़ा – राजीव जस्वाल
देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय संगठन अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा पंजीकृत नई दिल्ली जो देश के 24 राज्यों ओर 4 महानगरों मे वाल्मीकि समाज का नेतृत्व कर रहा है उसका 18वां दो दिवसीय अधिवेशन कविवर पं.भवानी प्रसाद मिश्र ऑडिटोरियम मे सम्पन हुआ।
अधिवेशन के पहले दिन उज्जैन से राज्यसभा सांसद श्रदां गुरूजी बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप मे शिरकत की। अतिथि देवों भव: की कड़ी मे जहाँ देश के विभिन्न प्रदेशों से आए पदाधिकारी मुख्य अतिथि को सम्मानित कर रहे थे, उसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी पदाधिकारी ने मिलकर मां बज्रेश्वरी की चुन्नी, माता के दरबार की फोटो, व प्रसाद भेंट किया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में वाल्मीकि समाज को संदेश दिया कि मेरा जीवन वाल्मीकि समाज की सेवा के लिए न्योछावर है। राष्ट्र के हर प्रदेश में यही मकसद लेकर जा रहा हूं कि आधी रोटी खाएंगे बच्चों को पढ़ाएंगे. बड़ा अफसर बनेंगे।
अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा के नेतृत्व मे राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय रामगोपाल राजा जी को मां ब्रजेश्वरी की चुनी माँ के दरवार का फोटो ओर प्रसाद भेंट किया.मान सम्मान की इसी कड़ी मे सुदेश सहोंतरा ने अपनी तरफ से देश के विभिन्न राज्यों से आये निम्न पदाधिकारियों को माता की चुनी, फोटो ओर प्रसाद भेंट किया।
के एल कलोसिया राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मोहन लाल बगग्न राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव, अधिवक्ता गौरी देवी,राष्ट्रीय अध्यक्षा माता सीता शक्ति वाहिनी, पाठरे जी राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, पुरुषोत्तम डागौर प्रदेश अध्यक्ष मध्य्प्रदेश, भगत राम वाल्मीकि प्रदेश अध्यक्ष झारखण्ड रवि कलोसिया अध्यक्ष महाराष्ट्र,महेश वाल्मीकि उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश,जितेन्द्र कागरे, जिलाध्यक्ष झाँसी,व ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को प्रसाद वितरण किया।
अधिवेशन के समापन से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा जी ने वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए बहुत से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया जो शीघ्र ही केंद्र सरकार के सम्मुख वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए पेश कर दिए जाएंगे। प्रोग्राम के समापन में मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम डागौर ने देश के विभिन्न राज्यों से आये पदाधिकारी का प्रोग्राम मे शामिल होकर बनाने के लिए धन्यवाद किया।

