अंतिम संस्कार के लिए 17 घंटे भटका कोरोना संक्रमित महिला का शव

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नादौन, अभिषेक कुमार

गलोड़ क्षेत्र में मां के बाद बेटे की भी कोरोना से मौत हो गई है। ग्रामीणों के विरोध के चलते देर शाम बेटे का अंतिम संस्कार पैतृक गांव के पास श्मशानघाट की बजाय प्रशासन ने नादौन में ब्यास नदी किनारे स्थित श्मशानघाट पर करवाया।

गौरतलब है कि लोगों ने कोरोना संक्रमित महिला के शव को गांव के आसपास जलाने से मना किया। बाद में शव को कुनाह खड्ड किनारे जलाने का प्रयास किया गया लेकिन साथ लगते गांव के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। 17 घंटे भटकने के बाद महिला के शव का अंतिम संस्कार गांव के नजदीक श्मशानघाट पर किया गया।

ग्राम पंचायत गलोड़ खास के दो गांवों में 24 घंटों के भीतर कोविड-19 से दो महिलाओं और एक व्यक्ति की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक गलोड़ खास के गांव गुर्याह  बुधवार में रात्रि 11 बजे 60 वर्षीय महिला की अचानक मौत हो गई।

महिला का बेटा कुछ दिन पहले ही दिल्ली से घर लौटा था। रात को जैसे ही उसकी माता का देहांत हुआ तो गांववासी भयभीत हो गए। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। सैंपल लेने पर महिला और उसका बेटा पॉजिटिव निकला। कोविड-19 की वजह से मौत हो जाने पर मृतका का अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया।

गलोड़ खास पंचायत के प्रधान संजीव शर्मा का कहना है कि खड्ड किनारे शव को जलाने का ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके चलते पैतृक गांव में महिला का अंतिम संस्कार किया गया।

एसडीएम नादौन विजय धीमान ने बताया कि शव को जलाने का ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके उपरांत उपरोक्त महिला के बेटे के शव का संस्कार नादौन प्रशासन की देखरेख में किया गया। प्रशासन की ओर से तहसीलदार मनोहर लाल शर्मा मौजूद रहे।

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