नई दिल्ली, 16 मार्च – नवीन चौहान
भारतीय चुनाव आयोग द्वारा शनिवार को लोकसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही देश में चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 18वीं लोकसभा के गठन के लिए चुनाव सात चरणों में होगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव लिए मतदान के बाद 4 जून को मतगणना होगी।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में विधानसभा के पद रिक्त पडे़ हुए हैं, लिहाजा आयोग ने 26 विधानसभा सीटों पर भी लोकसभा के साथ ही चुनाव करवाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सिक्किम, उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश में भी चुनाव लोकसभा के साथ ही होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण का मतदान 19 अप्रैल को होगा। दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। तृतीय चरण में 7 मई को मतदान होगा। चौथे चरण का मतदान 13 मई को होगा। पांचवे चरण का मतदान 20 मई को होगा। छठे चरण का मतदान 26 मई को होना तय है। सातवें व अंतिम चरण में 1 जून को मतदान होगा।
उन्होंने बताया कि 1.82 करोड़ मतदाता पहली मर्तबा वोट डालेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि 20 से 29 साल के 19.7 करोड़ मतदाता। कुल मतदाताओं में पुरुष वोटर्स की संख्या 49.7 करोड़ है, महिलाओ की संख्या 47.1 करोड़ है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा अब तक लोकसभा के 17 चुनाव कराए जा चुके है, जबकि विधानसभा के 400 चुनाव करवाए गए है। उन्होंने कि घर से वोट डालने के लिए 12 डी फॉर्म उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि ई बुक्स का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनी गेम व मसल पावर को रोकने के लिए ठोस कदम उठाये गए है। उन्होंने 11 राज्यों में 3400 करोड़ राशि इस्तेमाल को रोका गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग बल, धन व गलत सूचना को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि पांच साल के चुनावों में आचार संहिता के उल्लंघन को एक जगह एकत्रित एक एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि 2100 पर्यवेक्षक तैनात किये गए है। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दी। उन्होंने राजनितिक दलों को भी व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।
बता दें कि आयोग में शुक्रवार को ही ये साफ़ कर दिया था कि 16 मार्च को चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। दीगर है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटों पहले ही दो नवनियुक्त चुनाव आयुक्तों ज्ञानेश कुमार और डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने अपनी पारी की शुरुआत की थी।
देश की 543 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। यदि, राष्ट्रपति को लगता है कि समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है तो दो सीटें एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधियों के नामांकन से भरी जाती हैं।
चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही सरकार ऐसा कोई नीतिगत फैसला नहीं कर सकेगी, जो मतदाताओं के ‘फैसले’ को प्रभावित कर सके। चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध मुकम्मल करने का लक्ष्य तय किया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक लगभग 96.88 करोड़ मतदाताओं, 10.5 लाख मतदान केंद्रों और 1.5 करोड़ चुनाव अधिकारियों के साथ, भारतीय आम चुनाव 2024 मतदाताओं की जागरूकता दुनिया का सबसे बड़ा अभियान है।
क्या था 2019 का कार्यक्रम….
17वीं लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार चुनाव आचार संहिता 6 दिन देरी से लगी है, पिछले चुनाव का कार्यक्रम 10 मार्च को जारी हुआ था। 2019 में प्रथम चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल को मतदान हुआ था।
इसके बाद दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 लोकसभा सीटों पर 18 अप्रैल को तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115 सीटों पर 23 अप्रैल को, चौथे चरण में नौ राज्यों की 71 लोकसभा सीटों पर 29 अप्रैल को, पांचवें चरण में सात राज्यों की 51 सीटों पर छह मई को, छठवें चरण में सात राज्यों की 59 सीटों पर 12 मई को और सातवें चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को मतदान हुआ था।
क्या है आदर्श आचार संहिता
आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए मानकों का समूह है, इसे राजनीतिक दलों सहमति से तैयार किया जाता है। आदर्श आचार संहिता में चुनाव आयोग की भूमिका अहम होती है। संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन संसद और राज्य विधान मंडलों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव का आयोजन चुनाव आयोग का सांविधिक कर्तव्य है।
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा की तारीख से इसे लागू किया जाता है, यह चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण होने तक लागू रहती है। लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता पूरे देश में जबकि विधानसभा चुनावों के दौरान पूरे राज्य में लागू होती है।