
धर्मशाला, राजीव जस्वाल
धर्मगुरु दलाईलामा की निवास स्थली व पर्यटन नगरी मकलोडगंज में जंगली भालू के हमलों से लोग सहमे हुए हैं। रविवार सुबह भी दलाईलामा मंदिर के नीचे बुद्धा हाउस के समीप कूड़ा-कर्कट बीनने वाली एक महिला पर भालू ने हमला कर उसे बुरी तरह से नोंच डाला। हालांकि गनीमत यह रही कि उसके चीखने-चिल्लाने से वह भालू वहां से निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इस महिला के साथ अन्य महिलाएं भी थीं, जो सभी सुरक्षित हैं। महिला राजस्थान की रहने वाली है, जो कि धर्मशाला में रहती है तथा कूड़ा कर्कट बीनने का काम करती हैं।
बताया जा रहा है कि जिस जगह भालू ने महिला पर हमला किया, वहां एक बड़ा डस्टबिन है, जिसमें तिब्बती व स्थानीय लोग कूड़ा कर्कट डालते हैं। रिहायाशी क्षेत्र होने के साथ ही यहां जंगल भी है। इस डस्टबिन में लोग खाने-पीने की बची हुई चीजें भी डाल देते हैं, जिन्हें खाने के लिए ही यह भालू यहां का रुख करता है।
काले रंग का यह भालू रविवार सुबह भी इसी इरादे से वहां आया होगा, लेकिन जैसे ही उसने उक्त महिला को वहां से कूड़ा उठाते हुए देखा, वह उस पर झपट गया और उसे बुरी तरह से चेहरे और सिर पर दांतों और नाखूनों से हमला कर उसे घायल कर दिया। इस हमले में महिला के चेहरे और सिर पर काफी जख्म हुए हैं। महिला का क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में उपचार किया गया।
डीएफओ धर्मशाला और डीसी कांगड़ा को लिखा पत्र
इंडो-तिब्बतन फ्रेंडशिप एसोसिएशन ने इस बाबत डीएफओ धर्मशाला और उपायुक्त कांगड़ा को एक पत्र लिखा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत नैहरिया ने कहा कि मकलोडगंज और जोगीवाड़ा के ऊपरी क्षेत्रों में भालू के बढ़ते हमलों से स्थानीय लोग सहमे हुए हैं। पिछले कुछ ही दिनों में भालू का यह चौथा हमला है। इस दौरान रविवार को इस विषय पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ऑनलाइन चर्चा कर यह निर्णय लिया कि इस बारे में जिला प्रशासन और वन विभाग को जानकरी उपलब्ध करवाई जाएगी।
