इससे पहले जारी रोस्टर में लग गया था 5 फ़ीसदी डिस्क्रीशन कोटा
हिमखबर डेस्क
हिमाचल में पंचायती राज चुनाव के लिए आखिरकार संशोधित रोस्टर जारी हो गया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल की शाम 5.00 बजे की डेडलाइन पिछले कल हुई सुनवाई के दौरान दी थी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा जिलाधीशों को दिया गया 5 फ़ीसदी डिस्क्रिशनरी कोटा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
इसके बाद मंगलवार को पंचायती राज विभाग के सचिव की ओर से सभी जिलों के उपायुक्तों को एक पत्र भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि सभी जिले 7 अप्रैल 2026 की रात तक संशोधित पंचायत आरक्षण रोस्टर जारी करें और ये रोस्टर बनाते समय राज्य सरकार की ओर से भेजे गए संशोधित नियमों के निर्देशों को इग्नोर किया जाए।
हिमाचल हाईकोर्ट ने विकेश जिंटा एंड अदर्स बनाम हिमाचल सरकार के मामले में फैसला देते हुए आरक्षण रोस्टर में पांच फ़ीसदी का अधिकार जिलाधीश को देने के निर्णय को रोक दिया था।
इसके बाद आज दिन भर जिलाधीश अपने-अपने जिला का रोस्टर बनाते रहे। इससे पहले पिछले कल जिन जिलों में आरक्षण रोस्टर पंचायत, जिला परिषद और बीडीसी के लिए जारी हुआ था, उसमें भी संशोधन हुआ है।

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना था कि देर रात तक सभी जिलों का आरक्षण रोस्टर आ जाएगा। अधिकांश जिलों का रोस्टर मंगलवार शाम 9.00 बजे तक आ गया था।
पंचायती राज विभाग ने यह भी कहा है कि सभी जिलों में लोग संशोधित आरक्षण रोस्टर को ही देखें। इसे ही फाइनल समझा जाए।
हिमाचल प्रदेश में 3757 पंचायतों के लिए चुनाव हो रहा है। त्रिस्तरीय एस प्रणाली में पंचायत समिति और जिला परिषद भी शामिल है। इस बार चुनाव में देरी होने के कारण कोर्ट में ही डेडलाइन तय की हुई है पर शंं।

