हिमखबर डेस्क
जिला कांगड़ा में कमर्शियल वाहन ऑपरेटर परिवहन नीतियों और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के खिलाफ सोमवार सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चक्का जाम करेंगे। जिलेभर के कमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर, जिनमें टैक्सी ऑपरेटर, निजी स्कूल बस ऑपरेटर, ऑटो ऑपरेटर, बस व ट्रक ऑपरेटर शामिल हैं। कमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर महात्मा गांधी स्मृति वाटिका में एकत्रित होंगे तथा कचहरी तक आक्रोश रैली निकालेंगे और कचहरी में दिनभर हड़ताल की जाएगी।
इस कारण आंदोलन कर रहे ऑपरेटर
जिलेभर की टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि हड़ताल से जनता को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेवार होगी। वाहन पासिंग की सुविधा रानीताल के गाहलियां के अलावा अन्य स्थानों पर उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर ट्रैक्सी आपरेटर आंदोलन पर जा रहे हैं।
गाहलियां में नहीं मिल रही सुविधाएं
मैक्लोडगंज टैक्सी यूनियन के प्रधान अशोक शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से टैक्सी आपरेटर्स की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। एटीएस गाहलियां में वाहन पासिंग के लिए जाना पड़ रहा है, जहां सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि जैसे पहले विभिन्न 21 स्थानों पर वाहन पासिंग की जाती थी, उसी व्यवस्था को बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष 19 मार्च से लगातार मांग को उठाया जा रहा है, इसके बावजूद अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है। जिसके चलते सभी टैक्सी आपरेटर्स को हड़ताल जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है।
ऑटो का परमिट ही 20 किलोमीटर, कैसे पहुंचे गाहलियां
उन्होंने कहा कि ऑटो का परमिट 20 किलोमीटर का होता है, ऐसे में ऑटो चालक कैसे अपने वाहनों की पासिंग के लिए गाहलियां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा जो कमर्शियल वाहन चालक गाहलियां में वाहन पासिंग के लिए पहुंच रहे हैं, उन्हें भी प्रॉपर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में सोमवार को जिला भर के कमर्शियल व्हीकल आपरेटर धर्मशाला में एकत्रित होकर हड़ताल करेंगे। इसके बावजूद बात नहीं बनती है तो आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
जोखिम नहीं लेना चाहते निजी स्कूल बस ऑपरेटर
निजी स्कूलों में बच्चों को लाने व ले जाने के लिए पीली बसें चलाने वाले ऑपरेटर सुरक्षा के चलते कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहते। इसलिए स्कूल आपरेटर भी हड़ताल में शामिल होते हुए अपनी बसें नहीं चला रहे हैं, ऐसे में बच्चों की खुद व खुद ही छुट्टी हो जाएगी। हालांकि स्कूलों ने अपनी तरफ से कोई भी निर्देश छुट्टी के जारी नहीं किए हैं।
क्या कहते हैं यूनियन पदाधिकारी
जिलेभर में उनकी सोसायटी से जुड़े सभी आपरेटर अपनी बसों को नहीं चलाएंगे। हड़ताल का समर्थन करते हुए बसों को बंद रखेंगे।
-रविदत्त शर्मा, अध्यक्ष, निजी बस आपरेटर वेलफेयर सोसायटी, जिला कांगड़ा।
सभी कमर्शियल वाहन आपरेटर एटीएस पर वाहनों की पासिंग नहीं करवाएंगे। सोमवार की हड़ताल को मिलकर सफल बनाएंगे।
-मोहिंद्र सिंह, अध्यक्ष, ट्रक यूनियन, कांगड़ा।
यूनियन भी दोफाड़
समस्या को लेकर न किसी मंत्री को बताया गया न ही मुख्यमंत्री से किसी एसोसिएशन ने संपर्क किया। यह एटीएस केंद्र सरकार की ओर से थोपा गया है। जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान ले रहे हैं, लेकिन उनसे संगठनों को मिलना चाहिए। हमारी एसोसिएशन के साथ जुड़े सभी 450 बसें रूटों पर हर दिन की तरह दौड़ेंगी।
-हैप्पी अवस्थी, अध्यक्ष, जिला कांगड़ा प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन।
स्कूल बंद करने के निर्देश नहीं
स्कूल बंद करने के कोई निर्देश नहीं हैं। स्कूलों में इन दिनों दाखिले चल रहे हैं। अभी ऊपर से भी कोई ऐसे निर्देश नहीं आए हैं। स्कूल आम दिनों की तरह खुले रहेंगे।
-कमलेश ठाकुर, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा, कांगड़ा।
एचआरटीसी की तैयारी
धर्मशाला मंडल के तहत एचआरटीसी के पास 700 स्थानीय व लंबी दूरी के रूट हैं। इन रूटों पर बसें चलेंगी। अभी तक अतिरिक्त बसें चलाने संबंधित मुख्यालय से कोई भी निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
-पंकज चड्ढा, डीएम, एचआरटीसी, धर्मशाला।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांगड़ा बीर बहादुर का कहना है कि शांति पूर्वक प्रदर्शन करते हैं तो कोई बात नहीं। इमरजेंसी वाहनों को न रोकें। रोकते हैं तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोगों को आपातकाल के लिए कोई वाहन निजी ही करना पड़ सकता है तो ऐसी स्थितियों में हड़ताल वाले मानवता दिखाएं।

