कोटला – व्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश सरकार व बिजली विभाग भले ही बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे गिनवा रहा हो, लेकिन इसके विपरीत रुझान भी आने शुरू हो गए हैं।
ऐसा ही मामला जवाली उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत बग्गा क्षेत्र में देखने को मिला है। बग्गा में खोखाधारक को स्मार्ट मीटर का भारी भरकम थमाया गया है जिससे उपभोक्ता के होश उड़ गए हैं। दो महीने से बंद पड़े एक खोखे का बिजली बिल 82,059 रुपए आया है।
संबंधित उपभोक्ता ने जनवरी माह में मात्र 219 रुपए का बिजली बिल जमा करवाया था। इसके बाद खोखा बंद रहा, लेकिन हाल ही में जारी बिजली बिल में 82,059 रुपए की भारी-भरकम राशि दर्शाई गई। बिल देखकर उपभोक्ता और उसके परिजनों की नींद उड़ गई है।
पीड़ित का कहना है कि जब दुकान दो महीने से बंद थी और बिजली का उपयोग भी नहीं हुआ, तो इतना अधिक बिल कैसे आ सकता है। उन्होंने बिजली विभाग से बिल की जांच और मीटर की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं में भी संशय की स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पारदर्शी होनी चाहिए और यदि तकनीकी खामी है तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ता को राहत दी जाए, साथ ही स्मार्ट बिजली मीटर को हटाया जाए।
एसडीओ कुंदन के बोल
वहीं, जब इस बारे में बिजली विभाग कोटला के एसडीओ कुंदन से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला है। इस तरह की हमारे पास कोई भी शिकायत नहीं आई है, यदि शिकायत आती है तो जांच करवाई जाएगी।

