हिमखबर डेस्क
अगर आपको क्रिएटिविटी से प्यार है और आप आर्ट, फैशन और डिजाइन की दुनिया में खुद को देखना चाहते हैं, तो ज्वेलरी डिजाइन आपके लिए एक परफेक्ट करियर ऑप्शन हो सकता है। यह फील्ड न केवल आपकी क्रिएटिविटी को निखारती है, बल्कि आपको ग्लोबल फैशन इंडस्ट्री का हिस्सा भी बनाती है।
भारत में ज्वेलरी डिजाइन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इससे जॉब के मौके और फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट्स बढ़ रही हैं। तो ऐसे में अगर आप डिजाइनिंग का जुनून रखते हैं, तो आप एक ज्वेलरी डिजाइनर बन सकते हैं। आज के समय लोग अधिकतर ड्रेस के साथ ज्वेलरी वियर करना पसंद करती हैं। आज के समय बाजारों में अलग-अलग डिजाइन की ज्वेलरी मिलती है, क्योंकि आए दिन फैशन ट्रेंड बदलता रहता है।
फैशन डिजाइनर फैशन ट्रेंड को बदलने, नए पैटर्न लगाना, डिजाइन का एक्सोजर तैयार करने का काम होता है। ज्वेलरी डिजाइनिंग एक ऐसा करियर फील्ड है, जो युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने का काम करता है। अपनी क्रिएटिविटी के आधार पर ज्वेलरी डिजाइनर नए-नए डिजाइन को क्रिएट करता है।
ज्वेलरी डिजाइन सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं, बल्कि आपकी आर्ट, क्रिएटिविटी और फैशन की समझ का रिफ्लेक्शन है। भारत में इस फील्ड के बढ़ते अवसरों के कारण यह करियर तेजी से पॉपुलर हो रहा है। सही एजुकेशन, स्किल्स और एक्सपीरियंस के साथ आप इस फील्ड में चमक सकते हैं और एक अच्छा करियर बना सकते हैं।
ज्वेलरी डिजाइन
ज्वेलरी डिजाइन का मतलब होता है अलग-अलग तरह के गहनों, जैसे सोने, चांदी, हीरा, जेमस्टोन से बने ज्वेलरी का डिजाइन तैयार करना। यह सिर्फ ज्वेलरी बनाने का तरीका नहीं है, बल्कि यह एक आर्ट है, जिसमें आर्टिस्टिक थिंकिंग, टेक्निकल नॉलेज और फैशन की समझ शामिल होती है। ज्वेलरी डिजाइनर नए-नए ट्रेंड को समझकर यूनिक, सुंदर और कस्टमर्स की पसंद के मुताबिक ज्वेलरी डिजाइन करते हैं।
जॉब और सैलरी ऑप्शन
फैशन हाउस: बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी डिजाइन करना होता है, जहां सैलरी 20 हजार रुपए से 60 हजार रुपए तक हो सकती है।
ज्वेलरी फैक्टरी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स: उत्पादन प्रक्रिया में डिजाइनर की भूमिका होती है। यहां औसतन 15 हजार रुपए से 40 हजार रुपए मासिक सैलरी मिलती है।
ऑनलाइन ज्वेलरी स्टोर्स: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डिजाइन और मार्केटिंग करते हैं। इसमें सैलरी 25 हजार रुपए से 70 हजार रुपए तक होती है।
कस्टमाइज्ड ज्वेलरी बुटीक: ग्राहकों के लिए खास डिजाइन बनाना होता है। इसमें सैलरी 20 हजार रुपए से 50 हजार रुपए तक मिलती है।
एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कंपनियां: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए ज्वेलरी डिजाइन करते हैं। इसमें सैलरी 30 हजार रुपए से 80 हजार रुपए तक हो सकती है।
फ्रीलांस डिजाइनर: प्रोजेक्ट के हिसाब से आय होती है। इसमें 15 हजार रुपए से लाखों रुपए तक हो सकती है, जो आपके क्रिएटिविटी पर निर्भर हो।
शोरूम और सेल्स कंसल्टेंट: ज्वेलरी बेचने और ग्राहक सेवा में काम करते हैं। इसकी शुरुआती सैलरी 10 हजार रुपए से 25 हजार रुपए तक होती है।
अनुभव के साथ बढ़ेगी सैलरी : शुरुआत में ज्वेलरी डिजाइनर की सैलरी 15 हजार रुपए से 30 हजार रुपए प्रति माह हो सकती है। दो-तीन साल के अनुभव के बाद 50 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक हो सकती है। बड़े ब्रांड्स और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में सीनियर डिजाइनर्स को लाखों तक मासिक वेतन मिलता है। फ्रीलांसिंग में आय आपकी क्रिएटिविटी और क्लाइंट बेस पर निर्भर करती है।
ऐसे बढ़ाएं कदम
एजुकेशनल क्वालिफिकेशन
- 10वीं और 12वीं: किसी भी स्ट्रीम से 10+2 पास करें।
- डिप्लोमा/डिग्री कोर्स: इसके बाद आप ज्वेलरी डिजाइन, फैशन डिजाइन या आर्ट एंड क्राफ्ट्स में डिप्लोमा या बैचलर डिग्री कर सकते हैं
- सर्टिफिकेट कोर्स
- बेसिक ज्वेलरी डिजाइनिंग
- डायमंड आइडेंटीफिकेशन एंड ग्रेडिंग
- कैड फॉर जेम्स एंड ज्वेलरी
- कलर्ड जेमस्टोन आइडेंटिफिकेशन
- ज्वैलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी
डिग्री कोर्स
- बीएससी इन ज्वेलरी डिजाइन
- बैचलर ऑफ ज्वेलरी डिजाइन
- बैचलर ऑफ एक्सेसरीज डिजाइन
डिप्लोमा कोर्स
- डिप्लोमा इन ज्वेलरी डिजाइन एंड जैमोलॉजी
- एडवांस ज्वेलरी डिजाइन विद कैड
- ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग
- मास्टर्स डिप्लोमा इन ज्वैलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी
- पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स
- मास्टर ऑफ डिजाइन
- एमएससी इन ज्वेलरी डिजाइन
- एमबीए इन ज्वेलरी डिजाइन
कुछ जरूरी टिप्स
नए ट्रेंड्स और तकनीकों से अपडेट रहें: फैशन और डिजाइन की दुनिया तेजी से बदलती है। इसलिए हमेशा नए ट्रेंड्स, कलर पैलेट और ज्वेलरी डिजाइन की तकनीकों को सीखते रहें। इससे आपके डिजाइन मॉडर्न और ग्राहकों की पसंद के मुताबिक हो सकता है।
डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर (सीएडी) में महारत हासिल करें: कम्प्यूटर-आधारित डिजाइनिंग (सीएडी) आज के दौर में बेहद जरूरी है। इससे आप अपने डिजाइन को डिजिटल रूप में तैयार कर सकते हैं, जो प्रोफेशनल और सटीक होते हैं। सीएडी सीखना आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।
पोर्टफोलियो बनाएं और अपडेट रखें: अपने बेहतरीन डिजाइनों का एक आकर्षक पोर्टफोलियो बनाएं। इसे नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि पोटेंशियल एम्प्लायर और क्लाइंट्स आपकी क्रिएटिविटी और स्किल्स को देख सकें।
इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स का एक्सपीरियंस: इंडस्ट्री में इंटर्नशिप करना बेहद जरूरी है। इससे आपको वास्तविक काम का अनुभव मिलेगा और नेटवर्किंग के अवसर भी मिलेंगे। छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करके अपनी क्षमता बढ़ाएं।
नेटवर्किंग करें: ज्वेलरी और फैशन इंडस्ट्री के इवेंट्स, फैशन शोज और वर्कशॉप्स में हिस्सा लें। यहां आप एक्सपट्र्स से मिल सकते हैं, नए आइडियाज पा सकते हैं और अपने करियर के लिए नए अवसर खोज सकते हैं।
मार्केट डिमांड को समझें: केवल क्रिएटिव होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपको यह भी समझना होगा कि मार्केट में क्या ट्रेंड कर रहा है और ग्राहक क्या चाहते हैं। इससे आप ऐसे डिजाइन तैयार कर पाएंगे जो बिकें और सफल हों।
करियर ऑप्शन
ज्वेलरी डिजाइनर: गहनों के डिजाइन बनाना।
सीएडी/सीएएम डिजाइनर: कम्प्यूटर आधारित ज्वेलरी डिजाइनिंग।
ज्वेलरी कारीगर: डिजाइन को हाथों से आकार देना।
प्रोडक्ट डेवलपर: नई ज्वेलरी लाइन बनाना।
फैशन कंसल्टेंट: फैशन ट्रेंड्स और मार्केटिंग।
कस्टम ज्वेलरी डिजाइनर: खास कस्टमर्स के लिए गहने डिजाइन करना।