शिमला – नितिश पठानियां
रामपुर के समेज और गानवी तथा कुल्लू के बागीपुल में बादल फटने के कारण हुए हादसे में 45 लोगों की तलाश कोल डैम के दोगरी में सर्च अभियान तेजी से चल रहा है।
सर्च ऑपरेशन के पांचवें दिन सुबह करीब 10:30 पर शव एनडीआरएफ ने ढूंढ लिए हैं। हालांकि उनकी अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
बताया जा रहा है कि यह पानी के तेज बहाव के कारण किनारे पर आ गए थे और मिट्टी के और पत्थर के नीचे दबे हुए थे।
एनडीआरएफ सुबह सात बजे से सर्च ऑपरेशन कर रहा है और इस सर्च ऑपरेशन के दौरान यह शव मिले हैं। शवों को रिकवर किया जा रहा है और इनकी शिनाखत के लिए परिवारजनों को सूचित किया गया है।
तत्तापानी से नीचे कोल डैम की तरफ इस एरिया में विशेष टीमें लगाई गई हैं, क्योंकि सतलुज में बहकर आने वाले शव अकसर यहीं मिलते हैं।
दोगरी एक ऐसा प्वाइंट है, जहां कोल डैम का बैक वाटर सतलुज को रोक देता है। सतलुज में आने वाला सामान या शव यहां व्हर्लपूल में घूमते रहते हैं।
राज्य सरकार ने एडीसी शिमला अभिषेक वर्मा को इस स्पॉट पर तैनात कर रखा है। इन्हें इंसिडेंट कमांडर भी घोषित किया गया है, ताकि सभी जरूरी और प्रशासनिक फैसले ये स्पॉट पर ही ले सकें।

