जल का सही निकासी प्रबंध न हो पाने से भारी बारिश से कोटला में घरों में घुसा मलवा।
कोटला – स्वयंम
ज्वाली उपमण्डल के कोटला में पिछले साल बादल फटने से लोगों का काफी नुकसान हुआ था। तब प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए बड़ी ड्रेन नाली निकालने की बात कही थी लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी ड्रेन नाली का कार्य सही तरीके से हो पाने से बीती रात हुई वारिश से पिछले साल का मंजर लोगों को याद दिला दिया।
आपको बता दें कि बुधवार देर रात से जारी भारी बारिश से कोटला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कोटला के अरविंद गुप्ता के मकान में नाले का पानी चला गया। जिससे घर मे रखा हुआ सारा सामान खराब हो गया और पूरा मकान ही कीचड़ से भर गया।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कोटला में हुए भारी भूस्खलन के चलते इस क्षेत्र के नाले में बहुत ही ज्यादा पानी एवं कीचड़ आ जाने से भारी नुक्सान हुआ था और लोगों के घरों में कीचड़ भर गया था। एक वर्ष बीत जाने के बाबजूद पानी की सही निकासी का प्रबंध न हो पाया।
स्थानीय निवासियों योगेश शर्मा, पवन शर्मा, राकेश कुमार, अरविंद गुप्ता ने बताया कि हमारे मर्जी के बगैर ही पंचायत ने नाली में पाईपें डाली, जिससे इन पाईपों में मलबा फंस गया और पानी का बहाव रूक जाने से पानी लोगों के घरों में घुस गया।
वहीं कोटला के कांशी राम , पंकज, हैप्पी, सुमन, सरूपी की दुकानों में मलबा गुस गया। कोटला बाजार में स्थित लक्की अहाता में सब और पानी ही पानी हो गया और पूरी दुकान मे कीचड़ ही कीचड़ हो गया। जिससे दुकान मे रखा हुआ सामान, फ्रीज , बर्तन आदि खराब हो गए।
गैर जिम्मेदाराना तरीके से करवाए गए कार्य का खामियाजा आज फिर लोगों को भुगतना पड़ा। लोगों ने कहा कि अभी तो बरसात शुरू हुई है और आगे भारी बरसात का डर सताने लग पड़ा है।
उंन्होने डीसी काँगड़ा व एसडीएम ज्वाली से मांग उठाई है कि जल्द से जल्द इन पाइपों को निकालकर खुली जल निकासी नाली निकाली जाए।
नायब तहसीलदार कोटला के बोल
वहीं नायब तहसीलदार कोटला कोविन्द्र चौहान ने मौका का दौरा किया व पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

