हिमखबर डेस्क
प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल धीरा के गांव सनवाड़ में एक महिला की हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई है। यह सजा महिला की सास, पति, ननद और ननदोई को हुई है।
महिला की मौत में यह चारों दोषी पाए गए हैं। इन सबको को विभिन्न धाराओं में सजा हुई है, जबकि कुछ धाराओं में से इनको बरी कर दिया गया है। यह मामला 24 जून 2020 में विभिन्न धाराओं के तहत थाना में दर्ज किया गया था। जो बाद में हत्या के मामले में तबदील हो गया था।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अतिरिक्त जिला न्यायवादी अजय ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रणजीत ठाकुर की अदालत में चार दोषियों को आजीवन कारावास और आर्थिक दंड लगाया गया है।
इसमें शालू देवी के पति विपिन कुमार, सास रश्मा देवी निवासी सनवाड़, पुढ़वा और ननदोई अश्वनी कुमार और ननद बंदना कुमारी निवासी सूरी (मंहरू) को भादसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15 हजार जुर्माना और धारा 328 के तहत पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है। ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जबकि इन चारों को भादसं की धारा 498-ए और 201 से बरी कर दिया गया है।
बता दे कि, 24 जून 2020 को शालू देवी ने धीरा पुलिस चौकी में बयान दिए थे कि उसे उसकी सास, पति, ननद और ननदोई मारना चाहते हैं। उसे सास, ननद और ननदोई ने पकड़ रखा था, जबकि उसके पति ने उसके मुंह में घास में छिड़कने वाली दवाई डाल दी, ताकि उसकी मौत हो जाए।
जब यह देख उसकी बेटी ऊपर से चिल्लाई तो ननद और ननदोई वहां से भाग गए। मुंह में दवाई डालने की बात पता चलने उसकी मां उसके घर आईं और बेहोशी की हालत उसे अपने घर ले गईं। सुबह जब चार बजे उसे होश आया था। उसने यह शिकायत दर्ज करवाई थी।
पुलिस जांच अधिकारी एएसआई जितेंद्र कुमार के अगुवाई में जांच के बाद 24 जून को यह मामला दफा 328, 324, 34 के तहत दर्ज किया गया। इसके बाद शालू देवी की हालत बिगड़ गई और उसे टांडा मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां पर उसकी 4 जुलाई को मौत हो गई।
इसके बाद पुलिस ने धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद सुनवाई हुई और अब चार लोगों को सजा सुनाई गई है। इससे पहले पुलिस ने 2 जुलाई 2020 को भी महिला के बयान दर्ज किए थे। अतिरिक्त जिला न्यायवादी अजय ठाकुर ने कहा कि इस मामले में 21 गवाह अदालत में पेश हुए हैं और चारों आरोपियों को दोषी पाया गया।

