डेढ़ साल की बच्ची का जीवन बचाने पहुंचे गुरु जी, AB नेगेटिव किया दान

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नाहन, 20 दिसंबर – नरेश कुमार राधे

ब्लड की कमी की वजह से जान नहीं जानी चाहिए। इसी मकसद से रक्त वीरो का समूह “Drops of Hopes” लंबे अरसे से न केवल नाहन बल्कि बाहरी राज्यों में भी सक्रिय है। स्थानीय रक्त वीर दिल्ली तक जाने में भी संकोच नहीं करते है। हाल ही में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री का पद संभालने वाली दीया कुमारी ने भी समूह के सदस्यों को सम्मानित किया था।

खैर, ताजा घटनाक्रम में समूह के सदस्य एक रक्तवीर व मानपुर देवड़ा की रहने वाली डेढ़ साल की बच्ची कृति के बीच सेतू बने। डॉ वाई एस परमार मेडिकल कॉलेज में डेढ़ साल की बच्ची को आपातकाल स्थिति में दुर्लभ ब्लड ग्रूप Ab- की आवश्यकता थी। चूंकि ये ब्लड ग्रूप दुर्लभ है, लिहाजा तीमारदारों की टेंशन भी बढ़ी हुई थी।

आपातकाल में बच्ची को रक्त की आवश्यकता की सूचना जमटा में तैनात स्कूल प्रवक्ता (अर्थशास्त्र) सतीश शर्मा तक पहुंची, वो फ़ौरन ही बच्ची का अनमोल जीवन बचाने के मकसद से दौड़े – दौड़े मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।

बता दें कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ये ब्लड ग्रूप उपलब्ध नहीं था। मासूम बच्ची में मात्र 4 ग्राम ही ब्लड बचा था इसी कारण तुरंत ही ब्लड की जरूरत थी।

ड्रॉप्स ऑफ़ होप्स के संस्थापक ईशान राव ने कहा कि समूह अपना फ़र्ज़ निभा रहा है। एक मकसद के लिए समूह को बनाया गया है, इसकी कसौटी पर उतरने का प्रयास किया जा रहा है।

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