वीडियो में हेडमास्टर ग्रामीणों से अपना तबादला करवाने की बात करता नजर आ रहा है। दाडुंई पंचायत प्रधान दिनेश कुमार ने कहा कि हेडमास्टर हर रोज नशे की हालत में स्कूल पहुंचता है।
चम्बा – भूषण गुरुंग
प्रदेश के चंबा जिले के शिक्षा खंड मैहला के एक सरकारी स्कूल का हेडमास्टर नशे में धुत होकर स्कूल के बाहर पड़ा रहा। पंचायत के लोगों ने उसका वीडियो बनाकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज को भेजा।
वीडियो देखने के बाद विधायक ने अधिकारियों को फोन किया और उक्त हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए। विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की सूचना शिक्षा निदेशालय शिमला में दी। अब आरोपी हेडमास्टर की नौकरी पर तलवार लटक गई है। विभाग उसे सस्पेंड भी कर सकता है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह स्कूल के रास्ते से जा रहे गांव के लोगों ने हेडमास्टर को नशे में धुत पड़ा हुआ देखा था। हेडमास्टर की हालत इतनी खराब थी कि उससे उठा भी नहीं जा रहा था। नशे की वजह से शिक्षक की पेंट की जिप खुली हुई है और साथ ही पेशाब भी पेंट में हो गया है। वह पेंट का बटन भी नहीं लगा पाए हैं।
इस दौरान वीडियो बनाने वाला युवक उनसे सवाल जवाब कर रहा है तो उन्होंने कहा कि वह छुट्टी पर हैं। साथ ही कहा कि वह यहां से ट्रांसफर चाहते हैं। युवक ने कहा कि वह समाज को क्या संदेश दे रहे हैं? महिलाएं और स्कूल के बच्चे क्या सीख लेंगे?
युवक ने कहा कि किस तरह से हम मेहनत करते हैं और अगर टीचर अगर पढ़ाएंगे नहीं तो क्या करेंगे। इस दौरान शिक्षक ने युवक को कहा कि वह धमकी ना दे। मौके पर स्थानीय वार्ड मैंबर भी मौजूद थे।
पंचायत प्रधान दिनेश कुमार के बोल
दाडुंई पंचायत प्रधान दिनेश कुमार ने कहा कि हेडमास्टर हर रोज नशे की हालत में स्कूल पहुंचता है। इसको लेकर प्रधानाचार्य को भी दो से तीन बार बताया गया है, लेकिन अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक के बोल
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुमन कुमार मिन्हास ने बताया कि हेडमास्टर के नशे में धुत होने का वीडियो उनके पास पहुंचा है। निदेशालय को अवगत करवा दिया है। हेडमास्टर को शीघ्र सस्पेंड किया जाएगा।
विधायक डॉ. जनक राज के बोल
भरमौर विस क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने बताया कि सरकारी स्कूलों में हेडमास्टर नशे की हालत में पहुंच रहे हैं। ऐसे में आकांक्षी जिला चंबा की आकांक्षाएं कैसे पूरी हो पाएंगी। सरकार और प्रशासन को ऐसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। वह शिक्षा मंत्री से भी शिकायत करेंगे।

