ज्वाली/भलाड़ – शिवू ठाकुर
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के अधीन पटवारखाना मस्तगढ़ में पटवारी सहित कार्य करवाने हेतु आने वाले लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर कार्य करने को मजबूर हैं। करीबन 35 साल पुराना पत्थरों की चुनवाई से निर्मित भवन जर्जर हो चुका है। इसका प्लास्टर उखड़ चुका है। दीवारों में दरारें आ गई हैं तथा बादलों की गर्जना से ही भवन थरथरा जाता है।
पिछले कई सालों से इसकी सुध न तो विभाग ने ली है, न ही प्रशासन इसकी सुध ले रहा है। भवन की खस्ताहालत के कारण संबंधित पटवारी डर के साए में काम करता है। वहीं वहां काम करवाने आए लोग भी परेशान हो जाते हैं।

वही बुद्धिजीवियों आशीष कुमार, अमित कुमार, रोहित कुमार, अभिषेक कुमार, जोगिंदर सिंह आदि ने कहा जब भी बारिश होती है तो भवन की छत से पानी टपकता है तथा दीवारों को सीलनलोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में जब बारिश होती है तो पानी कमरे के अंदर बहने लगता है। खिड़कियां दरवाजे भी टूटने की कगार पर हैं। इसके अंदर पानी टपकने से इसमें भू लेख नष्ट हो सकता है। स्थानीय लोगों ने इसके जीर्णोद्वार की मांग की है।
एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह के बोल
जब इस बारे में ज्वाली एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि तो उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी है और इसे दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा।

