BBN के उद्योगों को 100 करोड़ की चपत; नहीं हो पा रही कच्चे-तैयार माल की आपूर्ति, आधा घटा उत्पादन

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आसमान से बरसी आफत ने बढ़ाई दिक्कत; नहीं हो पा रही कच्चे-तैयार माल की आपूर्ति, आधा घटा उत्पादन

बीबीएन – रजनीश ठाकुर

आसमान से बरसी आफत ने औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के उद्योगों को 100 करोड़ से ज्यादा की चपत लगा दी है। बारिश के कारण उपजे हालातों की वजह से बद्दी बरोटीवाला व नालागढ़ के उद्योगों में न तो वर्कर पहुंच पा रहे हैं, न ही तैयार व कच्चे माल की आपूर्ति हो पा रही है। नतीजतन उद्योगों में उत्पादन घट कर 50 से 60 फीसदी रह गया है।

दरअसल औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन खासकर बददी बरोटीवाला में पानी के सैलाब ने जमकर उत्पात मचाया है, सडक़े पुलों के क्षतिग्रस्त होने के बाद उद्योगों में कामकाज लडख़ड़ाने लगा है।

बददी बरोटीवाला का हरियाणा से संपर्क टूटने के बाद से पिंजौर, कालका, चंडीगढ़ , खरड़ पंचकूला, जीरकपुर से आने वाले हजारों उद्योग कर्मी ड्यूटी पर नहीं आ सके, जिसके चलते उद्योगों में कामकाज खासा प्रभावित हुआ है।

इसके अलावा वैकल्पिक सडक़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से उद्योगों में कच्चे माल की आवक भी रुक गई है और तैयार माल भी गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहा है।

बीबीएन में उद्योगों के बाहर गत दो दिनों से सैकड़ों ट्रक तैयार माल लेकर खड़े हैं, इसके अलावा कई उद्योगों में पानी भर आने से भी करोड़ों की मशीनरी खराब होने की सूचना है। टीवीएस मोटर कंपनी, एलिन ग्रुप समेत कई औद्योगिक घरानों ने उद्योग कर्मियों के आने-जाने की परेशानी को समझते हुए मंगलवार को छुट्टी का भी ऐलान कर दिया है।

दरअसल उद्यमियों का कहना है कि वर्करों के न आने से उत्पादन वैसे ही कम हो रहा है और अभी तक सडक़ मार्ग पूरी तरह कब तक दुरुस्त होंगे और कच्चे व तैयार माल की आवाजाही कब शुरू होगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नही है। ऐसे में कम उत्पादन के बजाय छुट्टी का विकल्प सही है। बारिश का पानी उद्योगों में घुसने से रविवार को कामकाज ठप रहा।

बीबीएन उद्योग संघ के महासचिव वाईएस गुलेरिया ने कहा कि बारिश के कारण उपजे हालातों और सडक़ परिवहन के ठप होने से उद्योगों का कामकाज खासा प्रभावित हुआ है। पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा से आने वाले वर्कर ड्यूटी पर नहीं आ पा रहे है। ऐसे में उत्पादन पर असर पड़ा है।

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