
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल सरकार की ओर से स्कूल और कालेजों के करीब 10,000 टॉपर्स को दिए जाने वाले स्मार्टफोन बच्चों को परेशान कर रहे हैं। यह इसलिए हुआ, क्योंकि स्मार्टफोन देती बार इनमें लगाए गए लॉक की जानकारी टॉपर्स को नहीं दी गई।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुल्लू से इस आवंटन की शुरुआत की थी और अब सभी जिलों में टॉपर्स को ये स्मार्टफोन बांटे जा रहे हैं। सैमसंग गैलेक्सी एम 12 वर्जन का यह स्मार्टफोन ऐसा है कि इसमें न जीमेल चल रहा है और न ही यूट्यूब। ऐसा क्यों है? इसकी वजह भी हम आपको बताएंगे। फोन को ऑन करने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन की स्क्रीन आ रही है। प्ले स्टोर में सिर्फ एक ही ऐप शो हो रही है।
डायरेक्ट सर्च करने पर नॉट अलाउड का मैसेज आता है। ट्रूकॉलर की ऐप होती है, लेकिन साथ ही ब्लॉक का मैसेज भी आता है। सेटिंग्स में गूगल तो आता है पर यह कुछ कर नहीं सकता, क्योंकि सब कुछ ब्लॉक रखा गया है।
इस फोन के न्यूवो टीम ऐप के जरिए आप चैट कर सकते हैं लेकिन सिर्फ उन्हीं फोन में जिन्हें ये मिले हैं और जिन्होंने खुद की आईडी बनाकर रजिस्टर किया है। इस फोन में यूट्यूब का ऐप भी नहीं है। यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि इसमें एंड्रॉयड डिवाइस मैनेजर ऐप स्केल फ्यूजन के जरिए सिक्योरिटी लगाई गई है।
दिव्य हिमाचल में इसके बारे में जब हायर एजुकेशन के डायरेक्टर अमरजीत शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि यह सिक्योरिटी एप मैन्युफैक्चरर्स से ही लगवाई गई है और यह एक साथ सभी मोबाइल फोन में अनेबल हो जाएगी। इसके लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया है और जल्द ही सभी फोन ब्लॉक से हटा दिए जाएंगे।
यह सिक्योरिटी ऐप इसलिए लगाई गई है ताकि बच्चे को अनलिमिटेड एक्सेस इंटरनेट पर न मिले। वह इस फोन पर जो सर्च करना चाह रहा है, उसका एक मैसेज या तो बच्चे के पेरेंट्स या टीचर में से किसी को जाएगा। विभाग इस बारे में जल्द ही सही जानकारी स्कूलों के जरिए मोबाइल इस्तेमाल करने वाले इन टॉपर्स तक पहुंचाएगा।
