शिमला – नितिश पठानियां
पावर कारपोरेशन के जीएम इलेक्ट्रिकल विमल नेगी की संदिग्ध मौत मामले की जांच सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा करेंगे। ओंकार शर्मा आज से ही अपना काम शुरू कर देंगे और 15 दिन के भीतर मामले से जुड़े तथ्य सामने लाएंगे। इंजीनियर विमल नेगी के ऑफिस को सील कर दिया गया है, ताकि किसी तरह की कोई छेडख़ानी न हो।
सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा की अध्यक्षता मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी बनाई है। ओंकार शर्मा अब विमल नेगी के स्टाफ से भी बात करेंगे और जांचेंगे कि कर्मचारियों पर काम का किस तरह हा दबाव है। साथ ही यह भी पता लगाएंगे की दिवंगत विमल नेगी ने आत्महत्या की है या उन्हें इसके लिए उकसाया गया है। क्योंकि महिला कर्मचारियों ने भी प्रबंधन पर कई तरह के आरोप लगाए हैं।
उधर, विमल नेगी का आज उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। इसके लिए बिजली बोर्ड और पावर कारपोरेशन का कुनबा भी किन्नौर के लिए रवाना हो गया है। इससे पहले बुधवार देर शाम को हिमाचल सरकार ने पावर कारपोरेशन के निदेशक इलेक्ट्रिकल देशराज को सस्पेंड कर दिया था, जबकि एमडी हरिकेश मीणा को हटा दिया है। इन दोनों के अलावा डायरेक्टर पर्सनल शिव प्रताप सिंह पर मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
विमल नेगी के परिवार के लोग और पावर कारपोरेशन के कर्मचारी उनको हटाए जाने की मांग कर रहे थे, जिसके चलते उन्होंने विमल नेगी के शव को दफ्तर के बाहर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे सरकार पर दवाब बनाया हालांकि इस मामले में जांच का जिम्मा सरकार ने एसीएस स्तर के अधिकारी को सौंपने का ऐलान विधानसभा में किया था, जहां पर मुख्यमंत्री ने अपनी स्टेटमेंट में कहा कि मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाएगी।