सेवानिवृत फौजी का किसान बनने का था सपना, शराब की फैक्ट्री ने किया तबाह

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सेवानिवृत फौजी का किसान बनने का था सपना, शराब की फैक्ट्री ने किया तबाह

सिरमौर – नरेश कुमार राधे 

सेवानिवृत फौजी का किसान बनने का था सपना, शराब की फैक्ट्री ने किया तबाह, ये किस्सा, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के नाहन विकास खंड में सेवानिवृत्त फौजी हरदयाल सिंह की सिस्टम से हताशा से जुड़ा है।

फौज से लौटकर, 2016 में “जय जवान- जय किसान” के नारे को सार्थक करने का सपना देखा था। लेकिन, लचर सिस्टम की वजह से वो अपनी बेशकीमती फसल को नहीं बचा पा रहे हैं। न्याय पाने के लिए दर ब दर की ठोकरें खाने के बाद हताश हो चुके हैं।

नाहन विकास खंड में जोगी बन (शंभूवाला) गांव में सेवानिवृत्त फौजी के खेत पानी से भरे हुए हैं। इसकी वजह बगल में शराब की फैक्ट्री है।

फैक्ट्री ने एक सुरक्षा दीवार का निर्माण कर लिया है, साथ ही कथित तौर पर अवैध तरीके लोक निर्माण विभाग की सड़क पर पुलिया का निर्माण कर डाला है, इस वजह से फौजी के खेत पानी में डूब गए हैं। जिससे धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है।

सेवानिवृत्त फौजी समस्या को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी, साथ ही आरटीआई एक्ट (RTI Act) के तहत लोकनिर्माण विभाग से जानकारी भी हासिल की।

विभाग ने 6 नवंबर 2023 को शराब फैक्ट्री को नोटिस जारी किया है, जिसमें जोगीबन के नजदीक सड़क पर किए गए अवैध निर्माण हटाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन धरातल पर अब तक परिणाम शून्य हैं।

सेवानिवृत फौजी हरदयाल सिंह पुत्र कालू राम निवासी जोगीबन का कहना है कि डीसी व एसडीएम को भी चिट्ठी लिखी गई। इसके बाद तहसीलदार को भी उचित कार्रवाई के निर्देश जारी हुए थे, लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।

सेवानिवृत्त फौजी की मांग है कि शराब फैक्ट्री की दीवार और अवैध पुलिया के निर्माण को हटाया जाए, ताकि उनके खेतों में पानी का बहाव रुक सके।

सेवानिवृत्त फौजी ने कहा कि सालों तक देश की रक्षा में पूरी शिद्दत से सेवा प्रदान की, वापस लौटकर खेती कर रहे थे। इसी बीच फैक्ट्री के निर्माण में मनमर्जी ने सपनो को बिखेर कर रख दिया।

लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता के बोल 

उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक जुनेजा ने कहा कि मामला संज्ञान में है। फैक्ट्री मैनेजमेंट को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था साथ तहसीलदार कार्यालय में निशानदेही के लिए आवेदन किया गया था।

निशानदेही के बाद ही कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि निशानदेही के लिए दोबारा स्मरण-पत्र लिखा जाएगा।

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