शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के एसएसपी संजीव गांधी की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सुधीर शर्मा ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में सुधीर शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष को औपचारिक चिट्ठी लिखी है।
विधायक सुधीर शर्मा ने अपनी चिट्ठी में विधानसभा विशेषाधिकारों के उल्लंघन का हवाला देते हुए संबंधित कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एसएसपी संजीव गांधी का रवैया न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि यह एक निर्वाचित प्रतिनिधि के विशेषाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन भी है।
सूत्रों के अनुसार, सुधीर शर्मा की ओर से यह कदम किसी हालिया घटनाक्रम के चलते उठाया गया है, जिसमें उन्होंने खुद को निशाने पर लेने और अपने संवैधानिक दायरे में हस्तक्षेप किए जाने का आरोप लगाया है। सुधीर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि शिमला में बीते शनिवार को एसपी संजीव गांधी ने एक प्रैस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान एसपी ने जहां डीजीपी पर सवाल उठाए थे। वहीं, कोर्ट रूम की वीडियो शेयर करने पर धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर भी सवाल उठाया था।
उन्होंने कहा था कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जो खरीद फरोख्त की गई थी, उसके मास्टरमाइंड धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा है। इस पर सुधीर शर्मा ने भी पलटवार किया था और कहा था कि वह अगर मास्टरमाइंड हैं तो पुलिस ने अब तक उन्हें क्यों नहीं पकड़ा और पूछताछ क्यों नहीं की। बाद में सुधीर ने एसपी शिमला को लीगल नोटिस भी भेजा था।
सियासी फिजाओं में बढ़ी गर्मी
अब सुधीर ने विधानसभा स्पीकर को विशेषाधिकार हनन के लिए पत्र लिखा है और एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि विधानसभा अध्यक्ष इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू की जाती है। फिलहाल शिमला पुलिस और राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म है।

