धर्मशाला में खाद्य आपूर्ति विभाग का दफ्तर बंद किया गया, विभिन्न पदों को शिमला और चंबा स्थानांतरित किया गया, सुक्खू सरकार ने 1200 से अधिक सरकारी स्कूल बंद किए।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। कांगड़ा जिले से सरकार ने एक और बड़े दफ्तर को डिनोटिफाई कर दिया है। 30 साल से खाद्य आपूर्ति विभाग का दफ्तर धर्मशाला में चल रहा था, जिसे अब सरकार ने बंद करने का फैसला लिया है।
सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सरकार ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के तहत धर्मशाला में स्थित जोनल कार्यालय को समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्यपाल के अनुमोदन और वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद लिया गया, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
जोनल कार्यालय के समापन के साथ-साथ विभिन्न पदों को या तो समाप्त कर दिया गया है या अन्य कार्यालयों में स्थानांतरित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार, संयुक्त निदेशक, फूड सप्लाई ऑफिसर और सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पदों को राज्य मुख्यालय शिमला स्थानांतरित किया गया है। इसके अतिरिक्त, JOA (आईटी) को चंबा में सहायक नियंत्रक (भार एवं माप) कार्यालय में भेजा गया है, जबकि प्यून का पद राज्य मुख्यालय में शिफ्ट किया गया है।
वहीं, वरिष्ठ सहायक, वरिष्ठ स्केल स्टेनो, इंस्पेक्टर ग्रेड-1, ड्राइवर, दफ्तरी और चौकीदार जैसे कुल छह पदों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। यह आदेश आरडी नजीम, अतिरिक्त मुख्य सचिव (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले) की ओर से 8 जुलाई 2025 को जारी किया गया। आदेश के साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी कोडल औपचारिकताएं पूरी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने हजारों दफ्तर किए बंद
गौरतलब है कि सरकार की तरफ से अब तक 1200 से अधिक सरकारी स्कूल, के अलावा, हजारों सरकारी दफ्तरों को बंद किया गया है। सुक्खू सरकार दावा करती है कि इन संस्थानों को जयराम सरकार ने बिना बजट की मंजूरी के खोला था हालांकि, सरकार पर इस मामले पर लगातार सवाल भी उठ रहे थे।