काँगड़ा – व्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चाचा देशराज से टांडा अस्पताल के बाहर प्राइवेट लैब वालों ने टेस्ट करने के लिए 3300 रुपए मांग लिए। यह मामला सोमवार को सामने आया जब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चाचा देशराज रूटीन चैकअप के लिए टांडा अस्पताल में आए थे।
तो उन्हें कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहा गया। जब वह टांडा अस्पताल के बाहर स्थित प्राइवेट लैब में गए तो उनसे टेस्ट के 3300 रुपए मांगे गए। उसके उपरांत उन्होंने यह टेस्ट नहीं करवाया लेकिन जैसे ही टांडा अस्पताल को इसकी भनक लगी तो उन्होंने देसराज का टेस्ट कृष्णा लैब में मात्र 140 रुपए में ही कर दिया।
जहां एक तरफ यह दावा किया जाता है कि सरकारी अस्पतालों में दवाईयों से लेकर टेस्टों की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है वहीं हकीकत कुछ और बयां कर रही है।
दूरदराज के जिलों से आए मरीजों के जहन में केवल एक ही विचार रहता है कि सरकारी अस्पतालों में सब सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध होती हैं परंतु हकीकत इससे बिलकुल विपरीत है। इसका प्राइवेट लैब्स भरपूर फायदा उठा रहे हैं और मजबूरी में आए गरीब मरीजों से भारी भरकम फीस वसूलते हैं।
यह अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जो टेस्ट सरकारी अस्पताल टांडा में मात्र 140 रुपए में कर दिया गया उसी टेस्ट के प्राइवेट लैब्स में 3300 रुपए मांगे गए थे। एक ही तरह के टेस्ट के 24 गुणा अधिक फीस वसूल की जा रही है।
इसी तरह अगर सरकारी अस्पताल में जो टेस्ट 1700 रुपए से अधिक में किए जाते हैं तो उसकी प्राइवेट लैब्स वाले 24 गुणा कितनी अधिक फीस वसूलते होंगें।
विदित है कि टांडा अस्पताल में प्रदेशभर से सात जिलों चंबा, मंडी, हमीरपुर, ऊना, कुल्लू, बिलासपुर और 15 लाख से अधिक आबादी वाले सबसे बड़े जिले कांगड़ा से मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए आते हैं
। ऐसे में लगभग हजारों टेस्ट प्रतिदिन किए जाते हैं जिन में से आधे टेस्ट प्राइवेट लैब्स में मजबूरी में मरीजों को भारी भरकम पैसे देकर करवाने पड़ते हैं।

