हिमखबर डेस्क
सात जन्मों का बंधन, सात फेरे और आतंकियों ने शुरू होने से पहले ही खत्म कर दी नए नवेले जोड़े की प्रेम कहानी। उसके हाथों से तो अभी मेहंदी का रंग भी नहीं गया था कि दहशतगर्दों ने उसे सुहाग को उजाड़ दिया।
पति की लाश के पास बैठी इस नई नवेली दुल्हन पर क्या बीत रही होगी, यह सोच कर रूह कांप रही है। अभी तो सात फेरे लिए थे, रिसेप्शन हुई थी और एक नए संसार का सपना लेकर हनीमून मनाने ही निकले थे कि आतंकवादियों ने गोलियों से भून दिया।
जानकारी के अनुसार करनाल के रहने वाले विनय नरवाल, जो कि नेवी में लेफ्टिनेंट थे। हाल ही में उनकी शादी हुई थी और हनीमून मनाने के लिए भारत के स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर गए थे। वह उन 26 पर्यटकों में शामिल थे, जिन्हें पिछले कल मंगलवार को आतंकवादियों ने मार दिया था।
विनय नरवाल को आतंकवादियों ने सिर पर गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई। अब उस नई नवेली दुल्हन से पूछो, जो बदहवास होकर पति की लाश के पास बैठी है। उसके मन पर क्या बीत रही है। मजहब पूछ कर बेकसूर लोगों को मारने की मंशा पाले यह आतंकवादी आखिर चाहते क्या हैं।
क्यों यह स्वर्ग को आतंक में नर्क बना रहे हैं। इस वक्त पूरे देश में आक्रोश है और सब यही कह रहे हैं कि आतंकवादियों को बीच चौराहे पर लाकर ऐसी मौत दो, ताकि फिर से ऐसा नरसंहार कोई न कर पाए।