सरकार की अनदेखी या सिस्टम की नाकामी? टांडा में दिल के मरीज असुरक्षित: परमार

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हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इस प्रमुख अस्पताल में कार्डियोलॉजी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग का केवल एक डॉक्टर के भरोसे चलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

परमार ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की भारी कमी के कारण गंभीर हृदय रोगियों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी जान पर बन रही है। उन्होंने कहा कि एक ही डॉक्टर पर अत्यधिक कार्यभार डालना न केवल चिकित्सकीय व्यवस्था के साथ अन्याय है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में आपातकालीन मामलों से निपटना बेहद कठिन हो गया है, और मरीजों को या तो लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर अन्य स्थानों पर रेफर किया जाता है, जिससे बहुमूल्य समय नष्ट होता है।

विपिन सिंह परमार ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि टांडा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में तत्काल प्रभाव से विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो यह एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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