शिमला – नितिश पठानियां
विमल नेगी मौत मामले में घिरी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विपक्षी दल भाजपा भी इसे भुनाने का लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आज भाजपा विधायक दल राजभवन पहुंचा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर पांच मुख्य मांगे की।
इस दौरान भाजपा ने नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा और सीबीआई जांच का दायरा बढ़ाकर विमल नेगी की मौत के साथ HPPCL में हो रहे भ्रष्टाचार की ईडी से जांच करवाने की राज्यपाल से मांग की।
इस दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप लगे हैं। कांग्रेस को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
विमल नेगी का परिवार बार-बार सीबीआई जांच मांगता रहा लेकिन मुख्यमंत्री ने हमेशा झूठ बोला कि परिवार ने सीबीआई जांच की मांग नहीं की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी की है जो कोर्ट की अवमानना है।
भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से मिल कर पांच मुख्य मांगे रखी है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि विमल नेगी की मृत्यु से संबंधित सबूतों से न तो छेड़छाड़ हो और न ही उन्हें नष्ट किया जाए। उच्च न्यायालय में पुलिस महानिदेशक एवं अन्य रिपोर्ट में सबूतों से छेड़छाड़ के साक्ष्य हैं, संबंधित अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधीक्षक शिमला द्वारा उच्च अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच भी सीबीआई से करवाई जाए। सीबीआई की जांच का दायरा बढ़ा कर हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में व्याप्त भ्रष्टाचार की भी जांच करवाई जाए या इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से करवाई जाए। साथ ही अफसरशाही में अनुशासन लाने की दृष्टि से पुलिस अधीक्षक शिमला को बर्खास्त किया जाए।