वाद्य यंत्रों की अलौकिक ध्वनियाँ, मंडी में देव समागम करवा रहा है दिव्य अहसास

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क 

हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों में मंडी का अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है।

छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध यह नगरी इन दिनों देवमय वातावरण में डूबी हुई है, जहां देवी-देवताओं के वाद्य यंत्रों से निकलती पवित्र ध्वनियाँ पूरे शहर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही हैं।

शहर की गलियों से लेकर मंदिर प्रांगण तक हर ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। सैकड़ों देवी-देवताओं की पालकियों के साथ बजते नगाड़े, करनाल, रणसिंघे और ढोल की लयबद्ध ध्वनियाँ ऐसा आभास कराती हैं मानो देव लोक धरती पर उतर आया हो।

एक साथ 200 से अधिक देवताओं का आगमन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और लोक आस्था की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है।

देव समागम का सबसे भावनात्मक क्षण वह होता है जब विभिन्न देवता एक-दूसरे से मिलते हैं और भक्तगण नतमस्तक होकर इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनते हैं।

विशेष रूप से राज देवता देव माधो राय और मंडी जनपद के आराध्य देव कमरू नाग का मिलन उत्सव का शुभारंभ माना जाता है। इस परंपरा को देखने के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालु घंटों प्रतीक्षा करते हैं और मिलन का क्षण आते ही जयकारों से वातावरण गूंज उठता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। उनका मानना है कि देव वाद्यों की ध्वनियाँ मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करती हैं। यही कारण है कि इस दौरान शहर का वातावरण सामान्य दिनों से अलग, अधिक शांत और श्रद्धामय महसूस होता है।

उत्सव की सफलता में जिला प्रशासन की भूमिका भी उल्लेखनीय है। प्रशासनिक टीमें व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए लगातार सक्रिय हैं, ताकि देवताओं की अगवानी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में कोई कमी न रहे।

सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आवास की व्यवस्थाएँ इस तरह की गई हैं कि आगंतुक बिना किसी परेशानी के उत्सव का आनंद ले सकें।

मंडी का यह देव महाकुंभ हर वर्ष यह संदेश देता है कि परंपराएँ केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान की जीवंत शक्ति हैं। शिवरात्रि महोत्सव में गूंजती देव ध्वनियाँ मानो यही कह रही हों—जब आस्था और संस्कृति साथ चलें, तो धरती भी देव लोक बन जाती है।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

पहले पत्नी की तेजधार हथियार से की हत्या, फिर खुद भी लगाई फांसी

चम्बा - भूषण गुरूंग  जिला चंबा के विकास खंड मैहला...

डिप्लोमा एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के पदों के साक्षात्कार 23 को

हिमखबर डेस्क  बद्दी की प्रसिद्ध कंपनी जूपिटर सोलर टैक प्राइवेट...