चम्बा – भूषण गुरूंग
मिंजर मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों ने खूब मनोरंजन किया। वहीं लोकगायक मनोज कुमार मनु ने भी एक से बढ़कर एक पहाड़ी गीतों से लोगों का खूब मनोरंजन किया।
उन्होने धूड़ू नचेया से अपने कार्यक्रम की शुरुआत की और उसके बाद दो दो जानी लगी ईणा, लाल तेरा साफा ओ भौंरा, कोढ़ा कोढ़ा कोट मेरे दर्जिया, तिजो पिछे छड्डे घर बार , रुत संघड़ोंणी हो, मेरी जोबणू नणाने, उआर घर मेरा पार तेरे, छैल भादर सुहाल आदि गीतों से लोगों का खूब मनोरंजन किया।
मनु ने बताया कि इससे पहले भी वो करीबन दस सालों से मिंजर में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। मनोज मनु अभी वर्तमान में जिला परिषद सदस्य भी है परंतु उसके साथ साथ वो अपनी संस्कृति को संजोये हुए हैं और समय समय पर अपनी पहाड़ी गायकी के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करते रहते हैं।
वह अब तक मां बन्नी तेरे दरबार, दिले लेई सुपने, दो दो जानी, छैल भादर सुहाल, आये तेरे रुबारू, बीसारी आदि कई गीत यू-ट्यूब पर रलीज कर चुके हैं जिसे हजारों लाखों लोग पसंद कर चुके हैं।

