
नूरपुर- देवांश राजपूत
यूक्रेन में फंसी नूरपुर के वार्ड सात की श्रेया शर्मा शुक्रवार देर रात को सकुशल घर पहुंची। श्रेया शर्मा का नूरपुर पहुंचने पर परिवार व अन्य लोगों ने जोरदार स्वागत किया। श्रेया शर्मा ने कहा कि बीते दो सप्ताह में जो मंजर देखा उसे वह जिंदगी भर नहीं भूल सकती। बेटी के सकुशल घर लौटने पर परिवार के सदस्यों ने भी राहत की सांस ली है और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
यूक्रेन के खार्कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रही श्रेया शर्मा ने बताया कि अचानक हुए युद्ध ने सबको हैरान कर दिया। उन्होंने बताया 24 फरवरी को उनकी फ्लाइट थी। लेकिन जैसे ही वह एयरपोर्ट पर पहुंचे तो वहां एयरपोर्ट बंद था। इन हालात में उन्हें एंबेसी के नजदीक एक स्कूल में पांच दिन बिताने पड़े।
उन्होंने बताया इसके बाद युद्ध हालात के बीच ट्रेन के माध्यम से बार्डर क्रास किया और पोलैंड पहुंची। यहां उन्हें दो दिन तक रखा गया उसके बाद घर के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया पोलैंड में भारतीय एम्बेसी द्वारा सभी बच्चों का अच्छे तरह से ख्याल रखा गया। श्रेया ने वहां फंसे अन्य बच्चों की सकुशल वापसी की कामना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
वहीं श्रेया के पिता संजय शर्मा ने भी बेटी की वतन वापसी पर खुशी जताते हुए अन्य बच्चों के घर लौटने की प्रार्थना की है। श्रेया जब यूक्रेन में फंसी हुई थी तब वन मंत्री राकेश पठानिया ने श्रेया के पिता से बात कर उन्हें हौसला दिया व श्रेया के जल्द सकुशल देश लौटने की उम्मीद जताई थी।
वन मंत्री राकेश पठानिया के बजट सत्र में मौजूद होने के कारण उनके बेटे प्रदेश भाजयुमो सचिव भवानी पठानिया ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ श्रेया शर्मा का स्वागत किया। इस मौके पर पार्षद अश्वनी डफ्फा व भाजपा नेता विशाल संजोत्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय महाजन ने भी श्रेया शर्मा के परिवार से भेंट की व उन्हें बधाई दी।
