
कांगड़ा- राजीव जसवाल
गुर्दे की पथरी का इलाज पूर्व की विधि PCNL द्वारा ही प्रचलित था। जिसमे मरीज़ का पैसा और समय के साथ खून की फोटो की जरूरत पड़ जाती थी।
हमारे निदेशक डॉक्टर राजेश शर्मा की प्रेरणा से श्री बालाजी अस्पताल, काँगड़ा में RIRS ( रेट्रोग्रेड इंट्रारीनल सर्जरी ) की शुरुआत हो चुकी है। इस विधि से इलाज अभी तक बड़े शहरों में ही उपलब्ध था।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डॉक्टर अभिषेक ठाकुर यूरोलोजिस्ट ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि RIRS सर्ज़री बिना चीरे के विशेष उपकरण फ्लेक्सिबल युरेट्रो-स्कोप एवम लेज़र की सहायता से किडनी को बिना कोई नुकसान पहुंचाएं हम 2 से.मी. जितनी बड़ी पथरी पेशाब के रास्ते आसानी से निकाल देतें हैं तथा मरीज़ को मात्र 1 दिन अस्पताल में रहने की जरूरत होती है।
श्री बालाजी अस्पताल, काँगड़ा पूरे प्रदेश के निजी अस्पतालों में RIRS तकनीक से सर्जरी करने में अग्रणी है। इस दौरान डॉक्टर राजेश शर्मा निदेशक श्री बालाजी अस्पताल ने कहा की RIRS सर्जरी कराने का खर्च चंडीगढ़ एवम अन्य बड़े शहरों में एक से डेढ़ लाख रूपये का आता है।
लेकिन, हम श्री बालाजी अस्पताल कांगड़ा में मरीजों की सर्जरी बड़े शहरों में हो रही सर्जरी से आधे दर पर ही कर रहे हैं। मरीज़ के इलाज सौ प्रतिशत सफलता की दर से हो रहें हैं। श्री बालाजी अस्पताल प्रदेश का एकमात्र ऐसा अस्पताल है जहाँ एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
बालाजी अस्पताल अब कई तरह के अत्याधुनिक तरीकों से इलाज करने में सक्षम है जिससे मरीज़ को कहीं और ईलाज के लिए अब जाना नहीं पड़ता और इससे मरीज व उनके परिजनों के समय की भी बचत होती है।
