महिलाओं को HRTC बस में किराए पर 50 फीसदी छूट का जोरदार विरोध

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शिमला – जसपाल ठाकुर

महिलाओं को 50 फीसदी किराए में छूट देने के लिए सरकार को एक बार पुनर्विचार करना चाहिए। निजी बस ऑपरेटर ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि महिलाओं को 50 फीसदी किराए में छूट देने से निजी बस ऑपरेटरों एवं एचआरटीसी के बीच बिना मतलब की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर एवं महासचिव रमेश कमल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार एचआरटीसी द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित किराए से कम किराया नहीं लिया जा सकता।

सरकार ने 2.19 प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया निर्धारित किया है, लेकिन सरकार द्वारा 15 अप्रैल को की गई 50 प्रतिशत महिलाओं के किराए में छूट को न्यायसंगत नहीं माना जा सकता है।

सर्वोच्च सर्वोच्च न्यायालय के आदेश है कि सरकार परिवहन व्यवसाय को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं कर सकती है, जिसमें सवारियों का बंटवारा हो। उसने कहा कि एक तरफ एचआरटीसी के पास अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं।

बिना कलपुर्जों एवं टायर इत्यादि को लेकर के बसें रास्ते में हांफ रही हैं और सरकार ने महिलाओं के किराए में 50 फीसदी की छूट देकर के एचआरटीसी पर और बोझ डाल दिया है।

इसलिए एक बार फिर से सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनहित में यह फैसला लिया है, लेकिन कानूनी पहलू को भी ध्यान में रखकर के घोषणा की जानी चाहिए थी।

इस दौरान परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि अधिकारियो ने मुख्यमंत्री को इस बारे में अवगत नहीं करवाया होगा। अब महिलाओं को 50 फीसदी किराए में छूट दी जा रही है, तो निजी बस ऑपरेटर अवश्य ही न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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