
दुराना- राजेश कुमार
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान साधू राम राणा ने कहा कि हाल ही में या पूर्व की सरकारों द्वारा बजट में और खासकर चुनावी वर्ष में बड़ी बड़ी राहतें देने की रस्म चली आ रही है लेकिन इन राहतों का जनता को फायदा तभी मिल सकता कि यदि आगामी एक वर्ष तक किसी भी रोजमर्रा वस्तु की कीमतों में बढ़ोतरी न हो।
राहत के एवज में धनराशि जुटाने के लिए यदि रोज़मर्रा खाद्य पदार्थों को मंहगा कर दिया जाता है तो फिर बजट में दी गई राहतों से अच्छा है कि राहतें देने के बजाए मंहगाई पर रोक लगाई जाए। हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने बजट में छोटे स्तर के हर वर्ग को कुछ न कुछ राहत दी है।
लेकिन कल गैस के सिलेंडर य तेल बिजली बस किराए में बढ़ोतरी कर दी जाती है तो फिर कुछ वर्गों को दी गई राहतों की भरपाई करने के लिए धनराशि जुटाने की मार अन्य राहतों से वंचित वर्ग को भी झेलना पड़ेगी । अतः बजट में राहत देने के साथ मंहगाई पर भी लगाम लगाने की जरूरत होती है लेकिन यह हर बार नामुमकिन होता है । राहतें कम और मंहगाई की मार ज्यादा झेलना पड़ती है।
