नाहन, 31 मई – नरेश कुमार राधे
एक अग्रणी पहल के तहत, भारत के चुनाव आयोग ने पहली बार 2024 के लोकसभा चुनाव में बुजुर्गों व दिव्यांग व्यक्तियों के लिए घर से मतदान की सुविधा प्रदान की है। लेकिन धरातल पर इसकी असफलता की खबर सामने आई है।
शहर के वार्ड नंबर 2 का रहने वाला 94 वर्षीय दंपत्ति सोमनाथ खिल्लन व शांति रानी को घर पर मतदान करने की सुविधा से वंचित होना पड़ा हैै। हालांकि, हिमाचल में सामान्य मतदान शनिवार 1 जून को होना है। लेकिन ये बुजुर्ग दंपत्ति मतदान केंद्र तक पहुंचने की स्थिति में नहीं है।
सवाल ये उठता है कि कोताही कहां हुई। बुजुर्ग दंपत्ति के कारोबारी बेटे अविनाश खिल्लन ने एमबीएम न्यूज नेटवर्क से बातचीत में कहा कि चुनावी कर्मी ने घर पर आकर फार्म भरा था। लेकिन इसके बाद मतदान करवाने कोई नहीं आया।
हालांकि, पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि नाहन विधानसभा क्षेत्र में 85 प्लस के करीब 300 मतदाताओं ने घर पर मताधिकार का इस्तेमाल किया। एक तरफ चुनाव आयोग मतदान की प्रतिशतता को बढ़ाने के लिए स्वीप जैसे कार्यक्रम चलाता है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की कोताही भी सामने आती है।
प्रश्न ये भी पैदा होता है कि क्या चुनाव आयोग के अधिकारी बुजुर्गों से घर पर वोट डलवाने के लिए गंभीर नहीं थे या फिर धरातल पर ही कोताही बरती गई।
सहायक निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम सलीम आजम के बोल
उधर, सहायक निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम सलीम आजम ने कहा कि बुजुर्ग दंपत्ति के बेटे ने फोन पर सूचित किया था, लेकिन तब तक घर पर मतदान करवाने की मियाद पूरी हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने की सूरत में तफ्तीश की जाएगी, यदि कोताही पाई गई तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

