धर्मशाला – हिमखबर डेस्क
एसएसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि धर्मशाला में बीते शनिवार रात को दो युवतियों के चलती गाड़ी से छलांग लगाने के मामले में पुलिस द्वारा गाड़ी चालक से पूछताछ के बाद पता चला कि उसे गाड़ी रोकने के लिए युवतियों की आवाज ही नहीं सुनाई दी।
एसएसपी ने प्रैस के नाम जारी बयान में बताया कि पुलिस को दिए बयान में गाड़ी चालक ने बताया कि उस समय वह फोन पर बात कर रहा था जिसके चलते उसे युवतियों के गाड़ी रोकने के बारे में कुछ सुनाई नहीं दिया।
इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और युवतियों के बयान की जांच के आधार पर उक्त चालक को पूछताछ के लिए बुलाया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि दोनों युवतियां एक अन्य राज्य से थीं और उन्होंने कोतवाली बाजार में एक अज्ञात वाहन से लिफ्ट ली थी।
जब वाहन कोतवाली बाजार के पास पहुंचा, तो उन्होंने चालक से वाहन रोकने को कहा, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका, जिससे घबराकर दोनों युवतियां चलती गाड़ी से कूद गईं। उसी दिन दोनों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और कोई गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली।
एसपी ने बताया कि दोनों पीड़िताओं के लिखित बयान दर्ज किए और सीसीटीवी फुटेज की मदद से चालक की पहचान की। यह पाया गया कि वह चालक एक सरकारी विभाग का वाहन चला रहा था।
चालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया, और उसने बताया कि वह गाड़ी चलाते समय फोन पर बात कर रहा था, जिससे उसे लड़कियों की आवाज सुनाई नहीं दी, जबकि पीड़िताओं ने भी कहा कि चालक ने उनके साथ कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया।
यह घटना एक गलतफहमी के कारण हुई जब चालक ने उनकी रुकने की बात नहीं सुनी। दोनों युवतियों ने चालक के खिलाफ शिकायत को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया है और वे अपने गृह राज्य के लिए सुरक्षित रवाना हो गई हैं।
एसएसपी ने यह भी आग्रह किया है कि सोशल मीडिया पर बिना पुलिस सत्यापन के अधूरी जानकारी सांझा न करें ताकि इस तरह से आधा-अधूरा और गलत संदेश लोगों तक न पहुंचे।