दूसरे रोगियों के साथ शेयर करना पड़ रहा बिस्तर, प्रदेश सरकार की गाइडलाइन की उड़ाई जा रही धजियां
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल में सांप के काटे मरीज को भी अलग बिस्तर नहीं मिला। सरकार के द्वारा जारी गाइड लाइन एक बिस्तर पर एक मरीज की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं बाबजूद इसके एक बिस्तर को दो दो मरीज़ सांझा करने को मजबूर हो रहे हैं।
टांडा अस्पताल के मेडिसीन विभाग में एक बैड पर दो दो मरीज़ परेशान हो रहे हैं। टांडा अस्पताल में मेडिसिन विभाग सबसे ऊपर चौथी मंजि़ल पर स्थित है। मरीज चाहे किसी भी बीमारी से भी ग्रस्त हो चलने फिरने में भी असमर्थ हो ब्रेन स्ट्रोक से दिमाग ने भले ही काम करना बंद कर दिया हो या किसी कोबरा जैसे सांप ने काटा हो सभी को एक दूसरे मरीज के साथ बिस्तर शेयर करना पड़ रहा है। सभी को एक ही लाठी से हांका जा रहा हैं।
विचारणीय है की किसी मरीज को अगर सांप ने काट लिया हो और उस मरीज का शरीर काम न कर रहा हो क्या वह मरीज दूसरे मरीज के साथ एडजस्ट हो सकता है। किसी मरीज का शौच बिस्तर पर ही करवाया जाता हो क्या दूसरा मरीज यह सहन कर सकता है। दो दो मरीजों को एक बिस्तर शेयर करना बड़ी मुश्किलें खड़ी कर देता है। पर मरीजों को मजबूरी में सहन करना पड़ रहा है।
विदित है एक बिस्तर को चलो दो मरीज़ मजबूरी में एडजस्ट कर भी लेंगें परंतु दवाइयों तथा खाने के सामान को एक छोटी सी अलमारी में कैसे शेयर कर पाएंगे साथ में दो दो मरीजों के तीमारदार कैसे अपने अपने मरीज़ को दवाइयां व खाना खिलाएंगे।
सरकार ने अधिसूचना में निर्देश जारी किए थे कि एक बिस्तर पर दो दो मरीज़ नहीं होंगें और एक बिस्तर पर केवल एक मरीज़ दाखिल रहेगा। लेकिन धरातल पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही हैं। यह कहने में अतिशयोक्ति नहीं होगी की सरकार की नोटिफिकेशन कि धजियां उड़ाई जा रही हैं।
टांडा छह जिलों के लोग आते हैं इलाज करवाने
सर्वविदित है की प्रदेश के दुसरे बड़े अस्पताल में छह जिलों चंबा मंडी ऊना हमीरपुर कुल्लू और 15 लाख से अधिक आबादी वाले जि़ला कांगडा के मरीज़ टांडा अस्पताल में इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त दूर दराज से आए मरीजों का दोष क्या हैं जिन्हें गंभीर बीमारी में भी किसी और के साथ बिस्तर बांटना पड़ रहा हैं। दराज के जिलों से आए मरीजों को असुविधा व परेशानियां हो रही हैं।

