जो विजन सोचते हैं, उसे धरातल पर उतार देते हैं कैप्टन संजय-सोनिका पराशर

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पराशर द्वारा स्वाणा में स्थापित पहले लघु उद्योग की वर्षगांठ पर आयोजित किया गया कार्यक्रम 

डाडासीबा- शिव गुलेरिया 

कैप्टन संजय की धर्मपत्नी सोनिका ने कहा है कि पराशर का सामाजिक सरोकारों को लेकर जो विजन है, उसे वह धरातल पर उतार भी देते हैं।

रविवार को संजय द्वारा स्वाणा गांव में स्थापित लघु उद्योग की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सोनिका ने कहा कि संजय पराशर नारी सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा काम कर रहे हैं और इस लघु उद्योग के पीछे भी उनकी यही सोच थी कि महिलाओं को घर-द्वार पर ही राेजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं।

यह प्रयास पूरी तरह से सफल रहा है और एक वर्ष बाद इस उद्योग में मशीनों को दुगना कर दिया है। कहा कि इस उद्याेग में विभिन्न शिपिंग कंपनियों की यूनिफार्म तैयार हो रही हैं और यह स्वाणा और आसपास के गांववासियों के लिए गर्व की बात है कि इन वर्दियों को मर्चेंट नेवी के अधिकारी भी पहनते हैं।

सोनिका ने कहा कि संजय महिला सशक्तीकरण काे लेकर लगातार काम करते रहे हैं। पराशर जसवां-परागपुर क्षेत्र में संजय महिलाओं से जुड़े 12 प्राेजेक्टस पर काम कर रहे हैं। जिसके तहत अब तक चार लाख से ज्यादा सैनेटरी पैड्स महिलाओं में बांटे जा चुके हैं।

इसके अलावा निराश्रित महिलाओं को संजय मासिक पेंशन प्रदान कर रहे हैं तो ऐसी महिलाओं के होनहार बच्चाें को छात्रवृति, पुस्तकें और फीस दी जा रही है। अपने कार्यालय में भी युवतियों को रोजगार के ज्यादा अवसर उपलब्ध करवाए हैं।

इसके अलावा अब मर्चेंट नेवी में युवतियों को रोजगार देने की भी तैयारी पराशर ने कर दी है। सोनिका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साधन न के बराबर हैं।

दो वर्ष पूर्व जब कोरोनकाल के बाद संजय पराशर ने ग्रामीणों के हालात देखे तो पाया कि कई लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा और यहां कृषि योग्य भूमि भी ऐसी नहीं कि परिवारों का गुजारा हो सके।

तब संजय ने इस क्षेत्र में अपनी कंपनी के तीन शाखा कार्यालय खाेले। इन कार्यालयों के माध्यम से रोजगार देने की मुहिम अब भी लगातार जारी है।

इसके अलावा स्वाणा गांव में खोला गया यह लघु उद्योग भी स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाने में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

इस यूनिट में अत्याधुनिक तकनीक वाली मशानें लगाई गई हैं और बेहद कम समय में गुणवत्तरपूर्ण यूनिफार्म व अन्य सामान तैयार हो रहा है। इस उद्योग से स्वाणा और आसपास के गांवों की महिलाआें को भी लाभ मिल रहा है और वे अपने परिवार के लिए अतिरिक्त आजीविका कमा रही हैं।

सोनिका पराशर ने कहा कि संजय की सोच व लक्ष्य है कि अगले पाचं वर्षों में इस उद्योग में एक सौ से ज्यादा मशीनें स्थापित हों। उद्योग के तकनीकी संचालक रियाज ने कहा कि कैप्टन संजय पराशर के विजन के कारण यह उद्योग यहां पर लग पाया है।

गांववासी रमेश चंद शर्मा ने भी पराशर के इस तरह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिपिंग कंपनी की यूनिफार्म गांव में तैयार होना किसी सपने के सच होने जैसा है। निस्संदेह संजय पराशर जो कहते हैं, वो करके भी दिखा देते हैं।

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