
शिमला- जसपाल ठाकुर
हिमाचल में जीएसटी जुटाने के मामले में आबकारी एवं कराधान विभाग ने रिकार्ड कायम किया है। नवंबर माह में पिछले साल के मुकाबले 17 फीसदी अधिक उगाही हुई है। इस बार विभाग ने 358.21 करोड़ रुपए का राजस्व जीएसटी के माध्यम से जुटाया है, जबकि पिछले साल नवंबर माह में 329.64 करोड़ रुपए की उगाही जीएसटी के माध्यम से हो पाई थी। राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग ने नवंबर माह में जीएसटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। इस साल अब तक 2815.53 करोड़ रुपये वसूल गए हैं।
नवंबर माह तक इस साल विभाग 791.83 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज कर चुका है। जो पिछले साल के मुकाबले 39 प्रतिशत अधिक है। सिलसिलेवार इस संबंध में बात करें तो अप्रैल में 425.57 करोड़, मई में 167.24 करोड़, जून में 234.6 करोड़, जुलाई में 456.12 करोड़, अगस्त में 443.81 करोड़, सितंबर में 328.11 करोड़, अक्तूबर में 374.86 करोड़ और नवंबर में 385.21 करोड़ रुपए के राजस्व की उगाही की गई है।
इसमें सबसे अधिक अंतर अप्रैल माह में देखने को मिला था। उस समय विभाग ने विभिन्न माध्यमों से 425.57 करोड़ जीएसटी की उगाही की थी। जो वर्ष 2021 के मुकाबले 898 प्रतिशत अधिक था। इसके अलावा मई में 41 फीसदी, जून में दो फीसदी, जुलाई में 45 फीसदी, अगस्त में 49 फीसदी सितंबर में चार और नवंबर में 17 फीसदी अधिक उगाही दर्ज की गई है। स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स (एसजीएसटी) में 26.51 करोड़ की अधिक उगाही हुई है। पिछले साल 162.09 करोड़ वसूले गए थे, जबकि इस साल 188.60 करोड़ रुपए की उगाही हुई है।
दोनों साल में 16 फीसदी का अंतर है, वहीं इंटीग्रेटड गुड्स एंड सर्विस टैक्स (आईजीएसटी) पिछले साल 167.55 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी, जबकि इस बार 196.61 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। दोनों में 29.06 फीसदी का अंतर है और यह बढ़ोत्तरी 17 फीसदी है।
राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग निदेशक युनुस ने बताया कि जीएसटी, आईजीएसटी और एसजीएसटी में नवंबर माह में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जीएसटी में यह बढ़ोत्तरी करीब 17 फीसदी है। विभाग जीएसटी की उगाही में तीव्रता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से निगरानी की वजह से जीएसटी में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
