टनल खुलने से पहले ही भारी भू-स्खलन, बंद हुआ सुरंग का प्रवेश द्वार
कोटला – व्यूरो
कोटला – पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा फोरलेन निर्माण कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा हिमाचल प्रदेश में पठानकोट से मंडी फोरलेन परियोजना में कोटला के पास बनाई जा रही सुरंग नंबर दो त्रिलोकपुर चलने से पहले ही फ्लैश स्लाइड के आने से खतरे में आ गई है।
बिना बारिश के ही सुरंग के आखिरी छोर पर भारी भूस्खलन के चलते सुरंग का प्रवेश द्वार फिर से बंद हो गया है , इससे पहले भी दिनांक 22 अगस्त को इस जगह पर भारी भूस्खलन हुआ था, उसके बाद से रह रह कर थोड़े दिनों के अंतराल पर भारी भूस्खलन हो रहा है।
सोमवार को हुआ भूस्खलन इतना भयंकर था, कि जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। गनीमत यह रही कि उस समय सुरंग के मुहाने पर कोई कामगार नहीं था, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

गौरतलब है कि फोरलेन निर्माण कार्य में लगी कंपनी भारत कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने इस फ्लैश स्लाइड जोन को ट्रीटमेंट करके आधुनिक तकनीक से भूस्खलन रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील होने के चलते सुरक्षा के आधुनिक प्रबंध धरे के धरे रह गए।
अब यह पहाड़ी लगभग 500 मीटर तक लगातार धंस रही है, एवं भूस्खलन लगातार जारी है। वहीं प्राकृतिक शिव मंदिर त्रिलोकपुर के रास्ते का न तो निर्माण किया गया है और न ही मंदिर के पास वाली पहाड़ी पर सुरक्षा दीवार लगाई गई है। पहाड़ की कटाई भी लगभग बिल्कुल सीधी की गई है, जोकि कभी भी धंस सकती है।
ताजुब की बात है कि केन्द्र तथा राज्य सरकारों से लेकर सम्बंधित विभागों ने गम्भीर अग्रणी चेतावनी नजरंदाज कर इस अति संवेदनशील क्षेत्र की बोटम रेंज को भारी भरकम मशीनरी तथा ब्लास्टिंग से पहाड़ी को ज़र्रा कर हजारों परिवारों की जिंदगियों को खतरे में डाल दिया है।

