हिमखबर डेस्क
उत्तर भारत का प्रसिद्ध बाबा क्यालू महादंगल इस वर्ष 2 से 5 जून तक गंगथ में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस महादंगल में हिमाचल समेत विभिन्न राज्यों के सैकड़ों नामी पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन को लेकर वीरवार को गंगथ महादंगल कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महादंगल को सफल बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
महादंगल कमेटी के प्रधान राजेश भल्ला ने बताया कि इस वर्ष महिला पहलवानों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। महिला पहलवानों के आने-जाने का किराया, रहने और खाने-पीने की संपूर्ण व्यवस्था कमेटी द्वारा की जाएगी।
3 जून को महिला पहलवानों का मुकाबला
2 जून को दंगल की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के पहलवानों के बीच मुकाबले से होगी। इस दिन का प्रथम पुरस्कार बाइक होगा। दंगल के लिए तीन आयु और भार वर्ग की श्रेणियां बनाई गई हैं। 3 जून को महिला पहलवानों का मुकाबला आयोजित होगा।
इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान भाग लेंगी। विजेता महिला को ऑल्टो कार और उपविजेता को बुलेट मोटरसाइकिल ईनाम में दी जाएगी। 4 जून को ओपन दंगल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बाहरी राज्यों के पहलवान भी भाग ले सकेंगे।
महादंगल का पहला ईनाम ट्रैक्टर
5 जून को महादंगल का आयोजन होगा। इसमें पहला ईनाम ट्रैक्टर और दूसरा इनाम ऑल्टो कार रखा गया है। इसके अलावा 11 बुलेट बाइक, 250 के करीब बलटोहियां और 800 के करीब गागर ईनाम स्वरूप दिए जाएंगे। दंगल में भाग लेने वाले प्रत्येक पहलवान को बाबा क्यालू महाराज के दरबार की ओर से प्रसाद के रूप में गागर ईनाम में दी जाएगी।
सरकार की तरफ से होगा दंगल का आयोजन : मलेंद्र राजन
इस मौके पर स्थानीय विधायक मलेंद्र राजन ने बताया कि पहली बार यह दंगल जिला स्तर पर आयोजित किया जा रहा है और इसका आयोजन सरकार की ओर से किया जाएगा। एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि सभी सरकारी विभागों की बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल सुविधा, शौचालय व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
गुड़ की डली से शुरू हुआ था परंपरागत दंगल
महादंगल कमेटी के प्रधान राजेश भल्ला ने बताया कि यह दंगल कई वर्षों पुराना है और इसकी शुरुआत एक साधारण गुड़ की डली से हुई थी। समय के साथ इनामों का स्तर बढ़ा और पहले गड़वी, फिर बाल्टियां इनाम में दी जाती थीं।
अब बाबा क्यालू महाराज की महिमा से ट्रैक्टर, ऑल्टो कार, बाइक, चरोटी और गागर जैसे बड़े ईनाम भेंट किए जाते हैं, जिन्हें पहलवानों को पुरस्कार स्वरूप दिया जाता है। भक्तजन बाबा से मन्नत मांगते हैं और पूर्ण होने पर इन वस्तुओं को भेंट करते हैं।