व्यूरो रिपोर्ट
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के अलीपुर स्थित प्रेसीडेंसी जेल में कोलकाता की डॉक्टर की हत्या और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी संजय रॉय पर झूठ का पता लगाने वाला परीक्षण किया।
इसके साथ ही संघीय एजेंसी के अधिकारियों ने 2021 से कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाने के लिए आरजी कर अस्पताल के अपदस्थ प्राचार्य संदीप घोष और अन्य के कार्यालय तथा अन्य परिसरों में तलाशी ली और पर्याप्त सामग्री बरामद करने का दावा किया।
चिकित्सकों ने सोमवार को मध्य कोलकाता में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक सामूहिक सम्मेलन भी बुलाया। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने बर्खास्त आरजी कर प्रिंसिपल संदीप घोष को तत्काल निलंबित करने की भी मांग की, जो 2021 से परेशान अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं की हत्या के मामले में कथित खामियों के लिए सीबीआई द्वारा दैनिक पूछताछ का सामना कर रहे हैं।
पॉलीग्राफ टेस्ट में क्या निकला
सीबीआई ने मामले में सात आरोपियों के पॉलिग्राफ टेस्ट लिए है, जिसमें मुख्य आरोपी संजय रॉय भी शामिल है। संजय ने आरोपों को कबूल कर लिया है। साथ ही उस रात को क्या कुछ हुआ, इसके बारे में भी बताया है।
पता चला है कि वारदात की रात यानी नौ अगस्त को रेड लाइट एरिया में गया था, लेकिन किसी से भी यौन संबंध नहीं बनाए। इस बीच वह अपने दोस्त के साथ आरजी कर अस्पताल गया, जहां उसके दोस्त का भाई भर्ती था। इसके बाद वहां उन्होंने शराब पीने की योजना बनाई और पीने चले गए।
शराब पीकर दोनों शहर के अलग-अलग रेड लाइट एरिया में गए, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद दोनों घेतला जाते हैं। संजय राय का दोस्त वहां पैसे देकर यौन संबंध बनाता है, लेकिन मुख्य आरोपी संजय नहीं। इसके बाद दोनों बाइक से वापस आ जाते हैं।
फिर उसका दोस्त अपने घर चला जाता है, लेकिन संजय रात साढ़े तीन बजे आरजी कर अस्पताल पहुंचता है और तीसरे फ्लोर पर के सेमिनार हॉल में जाता है। इसके बाद वह सीधे वह जघन्य अपराध को अंजाम देता है।
वह वहां सो रही ट्रेनी डाक्टर का मुंह और गला दबाता है, जिससे वह बेहोश हो जाती है। इसी दौरान वह उसका रेप कर हत्या कर देता है और चला आता है, व वहां से निकल जाता है।

