एमएसपी से नीचे शराब बेचने पर सरकार को चूना, हिमाचल-पंजाब की सीमा पर ठेकों पर शुरू हुआ नया खेल

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हिमाचल-पंजाब की सीमा पर ठेकों पर शुरू हुआ नया खेल, प्रदेश के अन्य जिलों में शराब तस्करी की संभावनाएं बढ़ीं।

ऊना – अमित शर्मा 

हिमाचल प्रदेश में नई एक्साइज पालिसी लागू होते ही हिमाचल-पंजाब सीमा पर स्थित शराब के ठेकों पर शुरू हुए नए खेल से प्रदेश सरकार को राजस्व का तगड़ा चूना लग सकता है।

नई एक्साइज पालिसी के तहत अब शराब की बोतल पर एमआरपी अंकित न होने के चलते अब शराब का एमएसपी तय किया गया है।

यानी मिनिमम सेल प्राइस से कम रेट पर शराब नहीं बेची जा सकती, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों के ठेकों पर एक-दूसरे की सेल को कम करने के चक्कर में हिमाचल की सीमा में खुले शराब के ठेकों पर अब एमएसपी से भी कम दाम पर शराब की बिक्री होने लगी है।

यह नया तरीका पंजाब के ठेकों को झटका देने के लिए शुरू हुआ था, लेकिन अब इन ठेकों ने कई लोग कम दाम पर शराब उठाकर प्रदेश के अन्य हिस्सों में इसकी सप्लाई करने लगे हैं।

इससे प्रदेश के अन्य जिलों में भी शराब की बिक्री तो प्रभावित होगी ही, बल्कि प्रदेश सरकार को भी जबरदस्त राजस्व का चूना लग सकता है। बावजूद इसके राज्य कर एवं आबकारी विभाग मौन धारण किए हुए है।

पहले ही जिले के कई शराब के ठेके नीलाम करने में राज्य कर एवं आबकारी विभाग को नाकों चने चबाने पड़े थे। अब जब किसी तरीके से शराब के ठेके नीलाम हो चुके हैं और नई एक्साइज पालिसी लागू हो गई है, तो अब शराब की कोई भी बोतल एमएसपी से कम दाम पर नहीं बेची जा सकती।

शराब लाबी ने जिले के अन्य क्षेत्रों में खुले शराब के ठेकों पर तो शराब के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं, लेकिन पंजाब-हिमाचल सीमा पर खुले शराब के ठेकों पर अपनी ही बनाई हुई पॉलिसी चला दी है।

राज्य कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारी भी दबी जुवान में इतना तो मान रहे हैं कि पंजाब के ठेकेदारों को मात देने के लिए ही कुछ सीमावर्ती ठेकों पर एमएसपी से कम रेट पर शराब बेची जा रही है।

जाहिर है कि इससे पंजाब के साथ-साथ हिमाचल में भी शराब तस्करी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। पंजाब से हिमाचल से विभिन्न हिस्सों को जाने वाली गाडिय़ां सीमा पर स्थित ठेकों से सस्ती शराब ले जाकर इसकी अन्य जिलों में सप्लाई कर रही हैं।

हैरत की बात यह है कि एमएसपी से कम दाम पर शराब बेचने पर पेनल्टी लगाने का भी प्रावधान है, लेकिन अभी तक राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने कोई एक्शन नहीं लिया है।

कुछ लोगों ने तो बकायदा सरकार को चूना लगाने की नीयत से बनाए गए इस प्लान की शिकायकत मुख्यमंत्री संकल्प सेवा पर भी की है, लेकिन अभी तक इस पर भी कोई एक्शन नहीं हुआ है।

राज्य कर एवं आबकारी विभाग उपायुक्त विनोद डोगरा के बोल

उधर, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के उपायुक्त विनोद डोगरा का कहना है कि एमएसपी से कम दाम पर शराब नहीं बेची जा सकती। हो सकता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पंजाब के ठेकेदारों द्वारा दाम कम किए जाने की सूरत में ऐसा हुआ हो। इसकी जांच करवाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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