कांग्रेस विधायकों की फीडबैक पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए निर्देश, पेंशन का भुगतान तत्काल करने को कहा
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल में सुक्खू सरकार का दो साल का कार्यकाल 11 दिसंबर को पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में सरकार बिलासपुर में दो साल का कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस जश्न समारोह से पहले सुक्खू सरकार ने 17 लाख से अधिक ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मुझे आज ही जानकारी प्राप्त हुई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बिल जारी किए गए हैं, जिसमें भाजपा के समय माफ किए गए पानी के बिलों का एरियर मांगा गया है। लोगों से पानी के बिलों का ये एरियर नहीं लिया जाएगा। इसको लेकर विधायकों ने मुझे ये जानकारी दी है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार लोगों से पानी के कनेक्शन के हर महीने 100 रुपए मेंटेनेंस चार्ज लेगी। सरकार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी। इस दिशा में भी वर्तमान सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी के बाद पेंशन का भुगतान भी जल्दी करने के निर्देश दिए हैं।
रोजगार के मामलों में जल्दी कदम उठाने का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने ड्राइंग मास्टर पोस्ट कोड 980 भर्ती को लेकर भी अगली कैबिनेट में मामला लाने को कहा है। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक भी तय कर दी है। बिलासपुर में 11 दिसंबर को सरकार के दो साल का कार्यक्रम होगा और 12 दिसंबर को शिमला में कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित की गई है।
18 दिसंबर से 21 दिसंबर तक धर्मशाला में विंटर सेशन है, इसलिए 12 दिसंबर की कैबिनेट बैठक महत्त्वपूर्ण हो गई है। शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में रखे जाने वाले विधेयक पहले कैबिनेट से पारित होंगी।
17.09 लाख घरों में कनेक्शन
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में करीब 17.09 लाख घरों में पानी के कनेक्शन हैं। जिसमें सबसे अधिक पानी के कनेक्शन जिला कांगड़ा में हैं। यहां 4 लाख से अधिक पानी के कनेक्शन हैं। हिमाचल में साल 2019 में जेजेएम स्कीम लॉन्च हुई थी, इससे पहले प्रदेश में करीब 7.63 लाख पानी के कनेक्शन थे, लेकिन प्रदेश में जेजेएम लॉन्च होने के बाद इस स्कीम के तहत 5 सालों में 9.46 लाख घरों में पानी के नल लगाए गए हैं।
ऐसे में अब प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 17.09 लाख घरों में लोग नल से जल की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। सुक्खू सरकार के पानी के बिलों का एरियर ने लेने के निर्णय से 17 लाख से अधिक परिवारों को राहत मिली है।

