
पालमपुर – नवीन शर्मा
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की ओर से प्रायोजित, मछली पालन पर किसानों के लिए एक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ, जिसमें मुख्यातिथि कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने कहा कि प्रदेश की स्नो ट्राउट जैसी मछली की प्रजातियां पूरे देश में जानी जाती हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को मछली चारा तैयार करने की सलाह दी।
उन्होंने किसानों से कहा कि अपने आस-पड़ोस के अन्य किसानों के बीच नए ज्ञान क प्रसार करें। विश्वविद्यालय के किसानों की सेवा और छात्रों को ज्ञान प्रदान करने के दोहरे कर्तव्य हैं। हिमाचल प्रदेश की जरूरतें और विभिन्न कृषि जलवायु की जरूरतों के लिए विश्वविद्यालय अनुसंधान और प्रौद्योगिकी का विकास भी करता है।
उन्होंने कहा कि किसानों को गेहूं, चावल और मक्का जैसी तीन फसलों से परे सोचने की जरूरत है। उन्होंने कृषि आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम की खेती आदि को अपनाने जैसी एकीकृत खेती की सलाह दी। प्रसार शिक्षा निदेशक डा. वीके शर्मा ने प्रसार गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के डीन डॉ. मनदीप शर्मा ने कहा कि किसानों को अच्छी आय प्राप्त करने के लिए मछली को स्वस्थ रखने के लिए जागरूक होना चाहिए।
प्रशिक्षण समन्वयक एवं मत्स्य विभाग की प्रमुख डॉ. डेजी वाधवा ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में हिमाचल प्रदेश के प्रशिक्षुओं के अलावा बिहार के एक प्रशिक्षु ने भाग लिया।
प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. मधु शर्मा, डॉ. तरंग शाह और डॉ. अरुण शर्मा ने भी विचार रखे। इस मौके पर 50 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी बांटे गए।
