
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान राकेश पठानिया ने कहा कि पांच बार विधायक, एक बार मंत्री व सांसद रहे डा. राजन सुशांत ने वन रक्षक भर्ती मामले को लेकर जो उनके पर आरोप लगाए हैं वह डा. सुशांत की मानसिकता का दर्शाता है। उन्होंने जो कीचड़ उछाला है उसको लेकर वह अब माफी तक सिमित नहीं रहेंगे, बल्कि न्यायालय जाएंगे। डा. सुशांत के खिलाफ वह दो करोड़ रुपये की मानहानि का दावा करेंगे। इसको लेकर उन्होंने अपने शीर्ष नेतृत्व से भी चर्चा कर ली है और शीर्ष नेतृत्व ने भी इस पर सहमति जताई है।
पठानिया ने कहा कि डा. सुशांत दिखावे के लिए पेंशन को लेकर पिछले पौने आठ माह से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने दस्तोेवेजों का हवाला देते हुए कहा कि सुशांत कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी पेंशन छोड़ दी है, जबकि मई माह तक अपने खाते में पेंशन गई है। उसके बाद इसलिए पेंशन रूकी हुई है, क्योंकि उन्होंने विस कार्यालय अपने जीवन प्रमाणपत्र नहीं दिया है। प्रमाणपत्र देते ही पेंशन उनके खाते में चली जाएगी।
उन्होंने कहा कि आधारहीन तरीके से वन रक्षक भर्ती पर आरोप लगाने वाले डा. सुशांत को शायद पता नहीं है कि अब के दौर में भर्ती प्रक्रिया लेनदेन नहीं किया जा सकता, जबकि सीधे प्रक्रिया आनलाइन है। वहीं दूसरी ओर फतेहपुर से कार्यालय शिफ्ट होने की दुहाई देने से पहले वह यह नहीं सोचते ही भाजपा सरकार ने हल्के विकास के लिए क्या क्या किया है। आरोप लगाने के पहले सुशांत इस बात का स्पष्टीकरण दें कि जब वह राजस्व मंत्री थे, तब वह फतेहपुर में एक पटवारीखाना तक नहीं खोल पाए थे।
इसके अलावा धान खरीद को लेकर आरोप लगाने वाले कांग्रेसी यह क्यों भूल जाते हैं कि वह भी प्रदेश में काबिज रही है, उन्होंने तो सता में रहकर कुछ नहीं किया। वहीं बड़ी बात ये है कि पंजाब में भी कांग्रेस की सरकार है तो कथित किसान हितेषी कांग्रेस ने पंजाब में हिमाचली किसानों की एंट्री क्यों बंद कर दी। इस मौके पर वूल फेडरेशन प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक कपूर व भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।
