एयरपोर्ट विस्तार प्रभावितों का होगा पुनर्मूल्यांकन, मालिकों तक मुआवजा पहुंचाने के लिए प्रशासन की नई पहल

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी व महत्त्वाकांक्षी परियोजना कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण में भू-अधिग्रहण कार्य अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। प्रदेश के पर्यटन और पहाड़ की आर्थिक तस्वीर बदलने वाले इस प्रोजेक्ट में प्रभावितों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यही वजह है कि अब प्रशासन प्रभावितों की संपत्तियों की री-असेस्मेंट की प्रक्रिया करेगा, जिससे कोई भी पात्र परिवार रिहैबिलटेशन एंड री सेटलमेंट (आरएंडआर) योजना से वंचित न रह जाए।

प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की सक्रियता से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार एयरपोर्ट विस्तार के लिए आवश्यक कुल भूमि का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अधिग्रहित किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण की प्रगति के साथ अब जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन (आरएंडआर) योजना पर काम शुरू कर दिया है।

प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार इस परियोजना से 942 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, अब प्रशासन री-असेस्मेंट (दोबारा मूल्यांकन) करवाने जा रहा है, जिससे कोई भी पात्र परिवार आरएंडआर योजना से वंचित न रह जाए। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है, जिससे कोई पात्र जो अलग हो गया हो या फिर कहीं बाहर रह रहा हो, ऐसे सभी पहलुओं को बारीकी से देखा जा रहा है।

जिससे आने वाले समय में अन्य बड़ी परियोजनाओं की तरह लोगों के मामले लटके न रहें। कांगड़ा हवाई अड्डे में अब तक भूमि अधिग्रहण के बदले 1452 करोड़ रुपए की राशि भूमि स्वामियों को वितरित की जा चुकी है। पहले किए गए सर्वेक्षण की दोबारा जांच की जाएगी और उसे नए सर्वे से मिलान किया जाएगा, जिससे किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे।

माना जा रहा है कि कई मामलों में राजस्व रिकार्ड में पुराने नाम दर्ज हैं, जबकि वास्तविक रूप से संबंधित परिवारों के घर और इकाइयां अब दो या तीन हिस्सों में विभाजित हो चुकी हैं। इसी कारण री-असेस्मेंट करवाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि पहले किया गया सर्वेक्षण पर्याप्त था।

लेकिन प्रभावितों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और कोई परिवार छूट न जाए, इसके लिए यह अतिरिक्त कदम उठाया जा रहा है। प्रशासन के इस निर्णय से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले सर्वेक्षण में शामिल नहीं हो पाए थे।

बता दें कि एयरपोर्ट विस्तार की जद में कांगड़ा और शाहपुर तहसील के कुल 14 राजस्व गांव आ रहे हैं। इनमें बरस्वालकड़, भेड़ी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, मुगरेहड़, सहौड़ा, सनौरा, रछियालु, जुगेहड़, भड़ोत, कियोड़ी और बाग शामिल हैं।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

शिवरात्रि: 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग, इन राशियों में बन रहे चार शक्तिशाली राजयोग

शाहपुर - नितिश पठानियां महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी को मनाया...

गिरड माता मंदिर जलने से सदमे में लोग; खाना-पीना छोड़ा, सरकार से मदद की आस

चम्बा - भूषण गुरुंग हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के...

हिमाचल के स्कूलों में 1 मार्च से बच्चों के लिए मोबाइल पर रोक, जारी होगी SOP

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक मार्च...