कहा,सरकार, प्रशासन तय करे रेत-बजरी के दाम-
ज्वाली – अनिल छांगू
जिला कांगड़ा में क्रशर मालिकों की मनमानी के कारण लघु उद्योग व ठेकेदारों को भारी नुकसान हो रहा है। क्रशर मालिक मनमाने रेट वसूल करके खुद की जेबें भर रहे हैं जबकि ठेकेदारों व उद्योग मालिकों को भारी नुकसान हो रहा है।
यह बात भाजपा नेता संजय गुलेरिया व भाजपा मंडल महामंत्री डॉ राजिंदर सिंह ने कहा कि सरकार व प्रशासन का इन क्रशर मालिकों पर कोई कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्वाली के क्रशरों पर रेत 35 रुपए प्रति फीट जबकि बजरी 32 से 50 रुपए प्रति फीट मिल रहा है जबकि इस रेट के हिसाब से लघु उद्योगपतियों व ठेकेदारों को निर्माणकार्य करना मुश्किल हो रहा है।
लोगों को मकान बनाने में काफी परेशानियां हो रही हैं। मकान बनाने का सपना अब सपना ही बन रहा है। उन्होंने कहा कि पहले क्रशर बन्द होने के कारण कार्य नहीं हो पाए और अब क्रशर शुरू हुए तो क्रशर मालिकों की लूट शुरू हो गई। इसके अलावा क्रशरों पर रेत-बजरी का कोई बिल नहीं काटा जाता है और न ही एक्स फार्म दिया जाता है।
संजय गुलेरिया व डॉ राजिंदर सिंह ने कहा कि क्रशरों पर भी रेट तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल को इन क्रशरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए तथा रेत-बजरी के रेट तय होने चाहिए ताकि क्रशर मालिकों की मनमानी लूट से बचा जा सके।
ठेकेदारों का मत
ठेकेदारों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर रेत-बजरी के मनमाने दामों पर कंट्रोल न हुआ तो निर्माणकार्य करना मुश्किल हो जाएगा। ठेकेदारों ने कहा कि हमने कार्य लिए हुए हैं लेकिन रेत-बजरी के दाम कंट्रोल न होने से कार्य करवाने में काफी बाधा आ रही है। यही हाल रहा तो ठेकेदारों को भी मंदी से गुजरना पड़ सकता है।

