बालीवुड की फिल्म शेरशाह में शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी को दिखाया गया है। विक्रम पर बनी बालीवुड फिल्म हिट हुई थी। विक्रम बत्रा के परिजन चाहते हैं कि उनके बेटे की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में जुड़े।
हिम खबर डेस्क
कारगिल के युद्ध में यह दिल मांगे मोर के नारे जैसा नारा देकर देश के लिए शहीद होने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत की कहानी को बॉलीवुड ने फिल्म के रूप में दिखाकर सम्मान दिया।
बालीवुड की फिल्म शेरशाह में शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी को दिखाया गया है। विक्रम पर बनी बालीवुड फिल्म हिट हुई थी। पर सरकारें जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल नहीं कर पाईं।
विक्रम बतरा के परिजन चाहते हैं कि उनके बेटे की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में जुड़े। जिससे बच्चे शहीदों की बहादुरी से प्रेरणा लें सकें। इस बाबत शहीद बतरा के पिता केंद्र सरकार को पहले पत्र भी लिख चुके है। हालांकि, अभी तक इस पत्र का कोई जवाब नहीं आया है।
परमवीर चक्र विजेता विक्रम बत्रा की बात करें तो बॉलीवुड भी उन्हें सम्मान दे चुका है। उनके नाम की बनी शेरशाह फिल्म आज पूरे देश में हिट रही है। फिल्म में विक्रम बतरा की चंडीगढ़ की मंगेतर की लव स्टोरी को देख कर देश की जनता भावुक हो उठी थी।
लेकिन इसमें बड़ी बात यह है कि विक्रम बत्रा के परिजनों की मांग को आज तक केंद्र और राज्य सरकारें पूरा नहीं कर सकी हैं। टाइगर हिल 4875 पर अपनी शहादत देने वाले विक्रम बतरा ने 5140 हिल पर पाकिस्तान सेना के कई सैनिकों को मार कर दिल मांगे मोर का नारा दिया था।
युवा पीढ़ी विक्रम बतरा के जीवन से ले प्रेरणा : जीएल बतरा
शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता जीएल बतरा और माता कमलकांत बतरा कहना है कि वह चाहते है, उनके बेटे की कहानी को सीबीएसई और हिमाचल बोर्ड के पाठ्यक्रम में जोड़़ा जाए। ताकि देश के युवा उनकी बहादुरी से प्रेरणा ले सकें।

