मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना: चार लाख रुपये सालाना आय, 28 वर्ष की आयु तक 20 लाख का शिक्षा ऋण, हिमाचली विद्यार्थी जिन्होंने पिछली कक्षा में परीक्षा न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ उतीर्ण की हो, वह इस शिक्षा ऋण का लाभ उठा सकते हैं।
शिमला – नितिश पठानियां
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना शुरू की है।
यह योजना गरीब मेधावी विद्यार्थियों की उच्च अध्ययन की आवश्यकताओं जैसे रहने-खाने, ट्यूशन फीस, किताबें और अन्य शिक्षा संबंधी खर्चों के लिए 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्रदान करती है।
ऐसे विद्यार्थी जिनकी पारिवारिक आय सभी स्रोतों से 4 लाख रुपये प्रतिवर्ष से कम हो और लाभार्थी की आयु सीमा 28 वर्ष तक हो, इस योजना के लिए पात्र होंगे।
योजना के अंतर्गत लाभ उठाने के लिए इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन कर सकते हैं।
ऋण राशि के वितरण संबंधी किसी प्रकार के विलंब को दूर करने के लिए उपायुक्त स्तर पर एक कोष स्थापित किया जाएगा। वे संबंधित संस्था को शुल्क की पहली किस्त जारी करने के लिए अधिकृत होंगे, ताकि यदि बैंक पहली किस्त जारी करने में समय लेते हैं तो यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया किसी प्रकार से बाधित न हो।

