ज्वाली – शिबू ठाकुर
ज्वाली की काव्य वर्षा की लिखित फिल्में एक से बढ़ कर एक ख्याति प्राप्त कर रही हैं। उनकी अभी “चप्पल” नामक फ़िल्म रीलीज़ हुई। फ़िल्म ने रीलीज़ होते ही सुर्खियां बटोरना शुरू कर दीं।
काव्या वर्षा की लेखनी की हर जगह तारीफ हो रही। उनकी फिल्म आई एम प्रिया जो हिमाचली भाषा में बनाई गई है, उसका चयन सीएमएस इंटरनेशनल चिल्ड्रन फ़िल्म फेस्टिवल लखनऊ के लिए होना एक गर्व का विषय है।
आई एम प्रिया फ़िल्म लखनऊ में 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक होने वाले फ़िल्म फेस्टिवल में इस फ़िल्म को दिखाया जाएगा। इस फ़िल्म को इस तरह ख्याति मिलना पूरे हिमाचल के लिए गर्व की बात है।
फ़िल्म की विशेषता यह है कि यह फ़िल्म हिमाचल के सरकाघाट में मण्डियाली बोली में बनाई गई है और इस मण्डियाली भाषा की हिमाचली फ़िल्म को इतने बड़े फ़िल्म फेस्टिवल में चयनित किया जाना हिमाचल के लिए गर्व की बात है।
इससे साफ है कि हिमाचली सिनेमा के नए युग की शुरुआत अब हो चुकी है जो कि हिमाचल प्रदेश के लिए एक गर्व की बात है।
इस फ़िल्म का निर्देशन एकलव्य सेन ने किया है और इसके प्रोड्यूसर देव भूमि हिम कला मंच से हैं, जो कि हमेशा से हिमाचल के कलाकारों और हिमाचल की संस्कृति को लेकर कार्य करते रहते हैं। हिमाचल की जनता ज्वाली के छोटे से गांव की इस मासूम लोकप्रिय लेखिका काव्या वर्षा पर अपना गौरव महसूस कर रही है।
सच कहते हैं कि बुलन्द हौसले किसी के मोहताज नहीं होते और यह सब कर दिखाया महान लेखिका एवं कवियत्री काव्या वर्षा ने जो शारीरिक दिव्यांग होने के बाबजूद युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी है। आज काव्या वर्षा का उदहारण प्रदेश सहित पूरा देश पेश कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

